पाकुड़ संवाददाता। जिले में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को पुलिस अधीक्षक सभागार में सड़क सुरक्षा, सड़क दुर्घटना प्रबंधन तथा मोटर वाहन अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सभी थाना प्रभारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, दुर्घटना के बाद त्वरित राहत, पीड़ितों को समयबद्ध सहायता तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से बेहतर प्रबंधन की रणनीतियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वाहन जांच अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, साथ ही आम नागरिकों के साथ शालीन एवं संवेदनशील व्यवहार बनाए रखा जाए।
समीक्षा के दौरान हिट एंड रन सड़क दुर्घटनाओं में सरकार द्वारा निर्धारित अनुग्रह मुआवजा राशि पात्र लाभुकों तक समयबद्ध ढंग से पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों एवं विभागीय समन्वय को सरल और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि पीड़ित परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक में आपदा प्रबंधन के अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को मिलने वाली सहायता राशि शीघ्र उपलब्ध कराने को लेकर अधिकारियों की भूमिका और दायित्वों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक पात्र परिवार को निर्धारित समयसीमा के भीतर सहायता दिलाना सुनिश्चित करें।
दुर्घटना रोकथाम, हिट एंड रन मामलों में मुआवजा और डिजिटल मॉनिटरिंग पर विशेष जोर
सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए मद्यपान कर वाहन चलाने वालों के खिलाफ जांच अभियान तेज करने पर भी जोर दिया गया। श्वास परीक्षण यंत्रों के उपयोग, जांच प्रक्रिया तथा दंड अधिरोपण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की सहायता करने वाले नेक नागरिक (गुड सेमेरिटन) को मिलने वाले प्रोत्साहन और सम्मान की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि इस प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि अधिक लोग आगे आकर घायलों की मदद कर सकें।
इसके साथ ही कैशलैस उपचार योजना के तहत दुर्घटना के बाद इलाज की पूरी व्यवस्था, संबंधित विभागों के समन्वय तथा आवश्यक दस्तावेजों पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किसी भी घायल को उपचार में देरी न हो और सभी एजेंसियां मिलकर कार्य करें।
डिजिटल प्रबंधन को मजबूत करने के लिए आईआरएडी (iRAD) एवं ई-डैड (e-DAR) पोर्टल पर हर सड़क दुर्घटना की शत-प्रतिशत और समयबद्ध प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आंकड़ों की गुणवत्ता और अद्यतनता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
बैठक में व्यावसायिक और मालवाहक वाहनों पर रेडियम परावर्तक पट्टी लगाने को अनिवार्य बताते हुए नियमित जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, ताकि रात्रिकालीन दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
बैठक के अंत में सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी कार्यों का निष्पादन पारदर्शिता, समन्वय और संवेदनशीलता के साथ करें, ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित और बेहतर यातायात व्यवस्था उपलब्ध हो सके।
बैठक में पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), विभिन्न थाना प्रभारियों, जिला सड़क सुरक्षा प्रबंधक तथा जिला रोल आउट मैनेजर अंकित कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।