तेनुघाट में एसडीओ को आवेदन, मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
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तेनुघाट (बोकारो), 1 जुलाई
तेनुघाट अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत जरीडीह मौजा के पुनर्वास क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। जरीडीह पश्चिमी एवं जरीडीह पूर्वी पंचायत के सैकड़ों ग्रामीणों ने बुधवार को अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) तेनुघाट को ज्ञापन सौंपकर बिजली और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
ग्रामीणों के आवेदन के अनुसार, सीसीएल द्वारा वर्ष 1983-85 के दौरान कोल बेयरिंग एवं भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत लगभग 590 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई थी। इसके बाद विस्थापितों को जरीडीह नया बस्ती पुनर्वास क्षेत्र में बसाया गया, लेकिन चार दशक बीत जाने के बावजूद यहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं।
ग्रामीणों का आरोप है कि खनन कार्यों और भारी ब्लास्टिंग के कारण क्षेत्र का जलस्तर काफी नीचे चला गया है, जिससे कुएं, तालाब, बोरिंग और चापानल प्रभावित हो गए हैं। इसके अलावा कई घरों की दीवारों और छतों में दरारें आने की भी शिकायत की गई है।
बताया गया कि 7 जून और 10 जून 2026 को आयोजित ग्राम सभाओं में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर सीसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण के समय बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और कानूनी कार्रवाई करने को बाध्य होंगे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जरीडीह मुखिया, पंचायत समिति सदस्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे।