तेनुघाट, प्रतिनिधि:तेनुघाट बांध प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता की कड़ी आपत्ति के बावजूद तेनुघाट थर्मल प्रबंधन द्वारा डैम एरिया में छाई (फ्लाई ऐश) डंपिंग का कार्य लगातार जारी है। यह छाई बारिश के पानी के साथ बहकर तेनुघाट जलाशय में पहुंच रही है, जिससे जल प्रदूषण की आशंका बढ़ गई है।
बांध प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता रंजीत कुजूर ने बताया कि जलाशय को प्रदूषण मुक्त रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि डैम सेफ्टी एक्ट 2021 के तहत डैम क्षेत्र में छाई डंप करना एक आपराधिक कृत्य है।
उन्होंने जानकारी दी कि तेनुघाट थर्मल प्रबंधन द्वारा ग्राम जाला में डैम के लिए अधिग्रहित भूमि पर अनाधिकृत रूप से छाई डंप की जा रही है। इस संबंध में बांध प्रमंडल द्वारा पत्र संख्या 801, दिनांक 15 जून 2026 के माध्यम से जीएम टीटीपीएस को छाई हटाने का निर्देश दिया गया है। इस पत्र की प्रति उपायुक्त बोकारो, अनुमंडल पदाधिकारी बेरमो एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बेरमो को भी भेजी गई है।
हालांकि पत्र भेजे जाने के तीन दिन बाद भी डैम एरिया में छाई डंपिंग बंद नहीं की गई है, जिससे प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखी साफ नजर आ रही है।
वहीं तेनुघाट विस्थापित संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष उमाचरण रजवार एवं लखीराम मांझी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि तेनुघाट जलाशय को दूषित करना राष्ट्र विरोधी कार्य है। उन्होंने बताया कि इस जलाशय का पानी बोकारो स्टील प्लांट सहित कई पेयजल आपूर्ति योजनाओं में उपयोग किया जाता है।
श्री रजवार ने कहा कि कार्यपालक अभियंता की आपत्ति के बावजूद न तो छाई हटाई जा रही है और न ही डंपिंग रोकी गई है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर तेनुघाट थर्मल प्रबंधन पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
खबर के अंत में स्थानीय लोगों ने भी जलाशय की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए जल्द समाधान की मांग की है।