लातेहार। जिले के सातों अंचलों में हाल सर्वे के दौरान तैयार किए गए राजस्व अभिलेखों में कथित त्रुटियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रशासन के समक्ष अपनी चिंता व्यक्त की है। भाजपा जिला अध्यक्ष वंशी यादव के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को लातेहार उपायुक्त से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा और राजस्व अभिलेखों में सुधार की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अभिलेखों में हुई गलतियों के कारण हजारों ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और इस मुद्दे पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने से लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
भाजपा नेताओं ने ज्ञापन के माध्यम से उपायुक्त को अवगत कराया कि जिले के बालूमाथ, बरवाडीह, महुआडांड, चंदवा, मनिका, गारू और लातेहार अंचल में हाल सर्वे के दौरान तैयार किए गए राजस्व अभिलेखों एवं खतियानों में कई प्रकार की त्रुटियां सामने आई हैं। इन त्रुटियों के कारण जमीन मालिकों के नाम, खाता संख्या, रकबा और भूमि की अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों में विसंगतियां देखने को मिल रही हैं, जिससे ग्रामीणों को भूमि संबंधी कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ग्रामीण जनता लंबे समय से इस समस्या के समाधान की मांग कर रही है। कई गांवों में लोगों ने राजस्व अभिलेखों में सुधार को लेकर धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए हैं। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि भूमि संबंधी अभिलेखों में त्रुटियां होने से आम लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, बैंक ऋण प्राप्त करने, जमीन की खरीद-बिक्री करने और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
भाजपा जिला अध्यक्ष वंशी यादव ने कहा कि यह मुद्दा केवल प्रशासनिक त्रुटि का नहीं, बल्कि हजारों किसानों और ग्रामीण परिवारों के अधिकारों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि भूमि अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और यदि रिकॉर्ड में गलतियां बनी रहती हैं तो इसका सीधा असर लोगों की आजीविका और संपत्ति के अधिकारों पर पड़ता है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि इस महत्वपूर्ण विषय को पहले भी कई बार उठाया जा चुका है। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने याद दिलाया कि झारखंड विधानसभा में भी राजस्व अभिलेखों की त्रुटियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। इसके बाद राज्य सरकार ने 31 अक्टूबर 2019 को पुनः सर्वे कराने का निर्देश जारी किया था। हालांकि, भाजपा नेताओं का आरोप है कि सरकार के निर्देश के बावजूद पिछले कई वर्षों में इस दिशा में कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मांग की कि जिले के सभी सातों अंचलों में त्रुटिपूर्ण हाल खतियान और राजस्व अभिलेखों की व्यापक समीक्षा कराई जाए। साथ ही प्रभावित ग्रामीणों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि राजस्व विभाग द्वारा विशेष शिविर आयोजित कर लोगों की आपत्तियों और शिकायतों का निपटारा किया जाना चाहिए।
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द से जल्द सुधार प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की गई, तो पार्टी जनहित में व्यापक आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी। नेताओं ने कहा कि भाजपा जनता की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाती रही है और भूमि अभिलेखों की त्रुटियों का समाधान होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
उपायुक्त से मुलाकात के दौरान भाजपा नेताओं ने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस गंभीर विषय पर संवेदनशीलता दिखाते हुए आवश्यक कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि भूमि विवादों और अभिलेखीय त्रुटियों का समाधान होने से न केवल ग्रामीणों को राहत मिलेगी, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी पारदर्शिता और सुगमता आएगी।
इस अवसर पर पूर्व विधायक हरीकृष्ण सिंह, जिला उपाध्यक्ष अनिल सिंह, जिला महामंत्री अमलेश कुमार सिंह, जिला महामंत्री छोटु राजा, जिला मंत्री ध्रुव कुमार पाण्डेय तथा भाजपा नेता एवं अधिवक्ता राजीव रंजन पाण्डेय सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।