लातेहार: व्यवहार न्यायालय लातेहार में पदस्थापित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय संजय कुमार दुबे शनिवार को न्यायिक सेवा से सेवानिवृत्त हो जाएंगे। उनके अंतिम कार्य दिवस पर न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं न्यायालय कर्मियों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके योगदान की सराहना की।
संजय कुमार दुबे ने 11 सितंबर 2002 को झारखंड न्यायिक सेवा में सिविल जज के रूप में अपना योगदान दिया था। इससे पूर्व वर्ष 1990 से 2002 तक वे सर्वोच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में प्रैक्टिस कर चुके थे। अपने पूरे न्यायिक जीवन में वे त्वरित एवं निष्पक्ष फैसलों के लिए प्रसिद्ध रहे। न्यायालय में लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन को उन्होंने हमेशा प्राथमिकता दी।
बताया जाता है कि कई रिवीजन मामलों में वे दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उसी दिन निर्णय सुना देते थे। कई अवसरों पर उन्होंने फैसलों के लेखन में भी स्वयं सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे मामलों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब न हो।
अपने न्यायिक कार्यकाल के दौरान उन्होंने सिमडेगा, जमशेदपुर, हजारीबाग, धनबाद, बोकारो, दुमका और साहिबगंज सहित विभिन्न जिलों में सेवाएं दीं। इसके बाद 26 अप्रैल 2024 को उन्होंने लातेहार में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में पदभार ग्रहण किया। यहां उन्हें पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी।
सेवा निवृत्ति से पूर्व अपने अंतिम माह में उन्होंने निर्धारित 37 मामलों के लक्ष्य के विरुद्ध 51 मामलों का निष्पादन कर अपनी कार्यकुशलता का परिचय दिया।
गढ़वा जिले के कांडी थाना क्षेत्र अंतर्गत चोका गांव निवासी संजय कुमार दुबे ने देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से शिक्षा प्राप्त की। वे विधि स्नातक में गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने इंडियन लॉ इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली से कॉरपोरेट लॉ एवं मैनेजमेंट लॉ में डिप्लोमा भी प्राप्त किया है।
उनकी सेवानिवृत्ति पर जीपी समसुल कमर खान, वरीय अधिवक्ता सुनील कुमार, नवीन कुमार गुप्ता, मिथिलेश कुमार, उपेंद्र कुमार, अमित कुमार गुप्ता, अमूल्य रंजन, अस्मिता एक्का समेत कई अधिवक्ताओं एवं न्यायिक कर्मियों ने उनके स्वस्थ, सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।