पाकुड़। पाकुड़ जिला अंतर्गत लिट्टीपाड़ा प्रखंड के करमाटांड़ पंचायत स्थित दुरियो गांव के छोटे एवं प्रगतिशील किसान गुहिया पहाड़िया ने उन्नत कृषि तकनीक अपनाकर मूंगफली की खेती में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पारंपरिक खेती से सीमित आमदनी होने के कारण उन्होंने आत्मा एवं कृषि विभाग के मार्गदर्शन में फसल विविधीकरण का निर्णय लिया, जो आज उनके लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रहा है।
गुहिया पहाड़िया के पास कुल लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें 1 एकड़ सिंचित एवं 4 एकड़ असिंचित भूमि शामिल है। क्षेत्र की पहाड़ी भौगोलिक संरचना के कारण वे पूर्व में मक्का, अरहर, ज्वार, कुल्थी एवं सरसों जैसी पारंपरिक फसलों की खेती करते थे, जिससे अपेक्षित आय नहीं हो पा रही थी। ऐसे में आत्मा कृषि विभाग की सलाह पर उन्होंने मूंगफली की उन्नत खेती अपनाई।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के अंतर्गत आत्मा द्वारा लाभुक किसानों को उन्नत किस्म के प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए गए। कृषि विभाग अंतर्गत आत्मा योजना के तहत सहायक तकनीकी प्रबंधक द्वारा चयनित खेत की मिट्टी जांच कराई गई तथा किसान को मृदा स्वास्थ्य कार्ड का लाभ दिया गया। इसके पश्चात वैज्ञानिक सलाह के अनुरूप उन्नत किस्म के बीज, बीज उपचार, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, समय पर निराई-गुड़ाई, आवश्यकता अनुसार सिंचाई एवं कीट-रोग नियंत्रण जैसी तकनीकों को अपनाया गया।
मूंगफली की खेती से गुहिया पहाड़िया को लगभग 8 क्विंटल उपज प्राप्त हुई। कुल विक्रय मूल्य लगभग 16 हजार रुपये रहा, जबकि कुल लागत (बीज, मजदूरी एवं अन्य खर्च) लगभग 6 हजार रुपये आई। इस प्रकार उन्हें करीब 10 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।
इस सफलता से उत्साहित होकर गुहिया पहाड़िया अब लगातार मूंगफली की खेती कर रहे हैं और आसपास के किसानों को भी उन्नत कृषि तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय सरकार एवं कृषि विभाग के पदाधिकारियों को देते हुए आभार व्यक्त किया। वहीं कृषि विभाग द्वारा ऐसे प्रगतिशील किसानों के माध्यम से जिले में नवाचारपूर्ण एवं लाभकारी कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे किसानों की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित हो सके।