नई कार्यसंस्कृति की ओर बढ़ता पंचायती राज विभाग
उपायुक्त मनीष कुमार ने 70 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को राजगीर (बिहार) के लिए किया रवाना
त्रि-स्तरीय जनप्रतिनिधि एवं स्वयं सहायता समूह की सखी दीदियाँ करेंगी सफल पंचायत मॉडल्स का अध्ययन
पाकुड़।
पंचायती राज व्यवस्था को आधुनिक, सुदृढ़ एवं विकासोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से रिवेंप्ड राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के अंतर्गत जिले के 70 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को रविवार को उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने हरी झंडी दिखाकर 7 दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण हेतु राजगीर (बिहार) के लिए रवाना किया।
इस अवसर पर उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए कहा कि शैक्षणिक भ्रमण केवल यात्रा नहीं, बल्कि सीखने, आत्ममंथन एवं सफल नवाचारों को अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में व्यवहारिक रूप से लागू करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रतिनिधिमंडल राजगीर एवं आसपास की आदर्श ग्राम पंचायतों में संचालित सफल योजनाओं और नवाचारों से प्रेरणा लेकर लौटेगा।
विविधतापूर्ण प्रतिनिधिमंडल, अनुभवों का सशक्त आदान-प्रदान
70 सदस्यीय यह प्रतिनिधिमंडल प्रशासनिक, सामाजिक एवं जनप्रतिनिधि सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसमें ग्राम पंचायतों के मुखिया, उप-मुखिया, वार्ड सदस्य, पंचायत सहायक तथा महिला सशक्तिकरण का प्रतिनिधित्व कर रही JSLPS (सीएलएफ) की सक्रिय सखी दीदियाँ शामिल हैं।
भ्रमण की सतत निगरानी एवं मार्गदर्शन के लिए प्रखंड समन्वयक एवं पंचायत राज स्वशासन परिषद के पदाधिकारियों को नोडल पदाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया है, ताकि सीखने की प्रक्रिया उद्देश्यपरक एवं व्यवस्थित बनी रहे।
राजगीर भ्रमण का उद्देश्य एवं महत्व
उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने बताया कि राजगीर एवं वहां की चयनित ग्राम पंचायतें जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, डिजिटल गवर्नेंस तथा पर्यटन आधारित स्थानीय अर्थव्यवस्था के सफल मॉडल के लिए प्रसिद्ध हैं। भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल विशेष रूप से निम्न विषयों पर अध्ययन करेगा—
- स्थानीय सतत विकास लक्ष्य (LSDGs): गरीबी-मुक्त, स्वस्थ एवं बाल-हितैषी गांवों की अवधारणा
- डिजिटलीकरण: ई-ग्राम स्वराज पोर्टल, ऑनलाइन सेवाएं एवं डिजिटल भुगतान
- सामुदायिक सहभागिता: ग्राम सभा को सशक्त बनाना एवं महिलाओं की भागीदारी
- राजस्व संवर्धन: ग्राम पंचायतों के स्वयं के आय स्रोतों को बढ़ाने के उपाय
अधिकारियों ने साझा किए विचार
रवानगी के अवसर पर विशेष कार्य पदाधिकारी श्री त्रिभुवन कुमार सिंह एवं जिला परियोजना प्रबंधक श्री आनंद प्रकाश भी उपस्थित रहे।
श्री सिंह ने कहा कि अन्य राज्यों के सफल मॉडल्स को प्रत्यक्ष देखने से जमीनी स्तर के जनप्रतिनिधियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और नवाचार को अपनाने की प्रेरणा मिलती है।
जिला परियोजना प्रबंधक श्री आनंद प्रकाश ने कहा कि रिवेंप्ड RGSA का मूल उद्देश्य पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाना है। JSLPS की सखी दीदियों की सहभागिता यह दर्शाती है कि जिला प्रशासन ग्रामीण विकास में सामाजिक संगठनों और निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच मजबूत समन्वय के लिए प्रतिबद्ध है।
भ्रमण उपरांत तैयार होगी विस्तृत अनुभव रिपोर्ट
7 दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण के उपरांत प्रत्येक प्रतिभागी द्वारा अनुभव आधारित विस्तृत फीडबैक रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे पंचायती राज विभाग को प्रेषित किया जाएगा।
रवानगी के समय प्रतिनिधिमंडल में विशेष उत्साह देखा गया। एक मुखिया प्रतिनिधि ने कहा कि इस भ्रमण से यह समझने का अवसर मिलेगा कि सीमित संसाधनों में भी टिकाऊ और समावेशी विकास कैसे संभव है। वहीं सखी दीदियों ने बताया कि वे महिलाओं द्वारा संचालित सूक्ष्म उद्यमों एवं सामाजिक नेतृत्व मॉडल को समझने के लिए विशेष रूप से उत्साहित हैं।