सिमरिया:- शनिवार को अनुमंडल कार्यालय कक्ष में एसडीओ सुधीर कुमार दास की अध्यक्षता में इचाक खुर्द में गैरमजरूआ खास जमीन की रैयती मान्यता के लिए आंदोलनरत रैयतो और इरकॉन कंपनी अधिकारियों के साथ एक त्रिपक्षीय वार्ता हुई। बैठक में दोनों पक्षो की बात सुनने और दस्तावेजों के निरीक्षण एसडीओ सुधीर कुमार दास और सीओ धर्मेंद्र कुमार दुबे द्वारा किया गया। आजादी के पूर्व से दखलकार रैयत अपने जमीन और संरचना की मांग को लेकर पिछले एक वर्ष से आंदोलित है। किसानो की मांग पर एसडीओ सुधीर कुमार दास तत्कालीन भू अर्जन पदाधिकारी गौरांग महतो तत्कालीन सीओ छुटेश्वर दास ने 5 अप्रैल 23 को गांव में एक शिविर लगाकर किसानो के दुख दर्द सुने। एसडीओ श्री दास ने सभी रैयतो को अपने अपने दस्तावेज अंचल में जमा करने का निर्देश दिया। साथ जाली दस्तावेज होने पर सख्त करवाई की भी चेतावनी दी। किसानो के साथ एक माह के अंदर रैयती मान्यता के लिए दस्तावेज कार्रवाई पुरा करने का आश्वासन दिया गया। इस आश्वासन के बाद रेलवे का बंद कार्य फिर से प्रारंभ कर दिया गया। परंतु डेढ माह बित जाने के बाद भी वाद की कार्रवाई प्रारंभ नही होने पर 22 मई 23 से प्रभावित रैयत धरना पर बैठे है। रेलवे लाइन निर्माण कर रही इरकॉन कंपनी द्वारा स्थल पर बिना सर्वे किये ही जोत कोड और संरचना को नजरअंदाज कर वन विभाग से एनओसी के लिए निवेदन किया गया है। जबकि उक्त भूमि वन सीमा से बाहर है। इस बाबत सिमरिया अंचल द्वारा पत्रांक 184 दिनांक 14-9-23 को वन प्रमंडल दक्षिणी से मांगने पर वन विभाग के पत्रांक 2564 दिनांक 20-10-23 को प्लौट नंबर 558,233,976 भाग,1003भाग ,510,556 को वन सीमा से बाहर रहने की जानकारी दी गई है। वन विभाग से जानकारी मिलने के बाद धरना दे रहे किसानो की मांग और इरकॉन कंपनी द्वारा कार्य बाधित की सूचना पर एसडीओ श्री दास ने सिमरिया सीओ धर्मेंद्र कुमार दुबे,राजस्व कर्मचारी अरुण कुमार अमीन रविन्द्र कुमार आदि को स्थल जांच करवाया गया। इसमे 55 रैयत को रेलवे निर्माण ट्रैक पर जोत कोड और दखल पाये। जबकि निर्माण लाइन मे 31 घर,चाहर दिवारी,कुआ और पेड पौधे पाये गये। किसानो के लंबे समय से जोत कोड और घर मकान बने रहने और रेलवे लाइन निर्माण मे उत्पन्न बाधा को देखते हुए शनिवार को एसडीओ कार्यालय मे अधिकारी,रेलवे निर्माण के अधिकारी और रैयतो के साथ एक बैठक हुई। बैठक मे रेलवे निर्माण कंपनी इरकॉन के डीजीएम अभिषेक कुमार, जेडीएम पीके सिंह, डीजीएम श्रीराम, डीएम आरके सिंह ने राज्य सरकार व जिला प्रशासन के मुआवजा नीति पर अपना सहमति जताते हुए लिखित आश्वासन देने की बात कही। उन्होंने कहां की प्रशासन द्वारा रैयती मान्यता के बाद सभी प्रक्रिया शुरु की जायेगी। वही किसानो ने भी रैयती मान्यता मिलने के बाद मुआवजा भुगतान मे विलंब होने पर भी रेलवे निर्माण कार्य को नही रोक कर सहयोग करने का लिखित आश्वासन देने की बात कही। बैठक मे रैयत शिव कुमार सिंह, नर्वदेश्वर सिंह, नरेश कुशवाह और गेंदो राणा शामिल हुए।