जमशेदपुर : 22वें संताली ‘परसी महा ’ एवं ‘ओल-चिकी ’ लिपि के शताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, गवर्नर संतोष कुमार गंगवार तथा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जमशेदपुर पधारे। चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच तीनों हस्तियां करनडीह तथा एनआईटी में आयोजित ऐतिहासिक कार्यक्रम में शिरकत किये। करनडीह में आयोजित ओलचीकी लीपी के शताब्दी समारोह में संथाली लोकगीत गाकर तालियां बटोरी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जोहार शब्द के संबोधन के साथ अपना वक्तव्य शुरू की। राष्ट्रपति , गवर्नर एवं मुख्यमंत्री जाहेर थान गये। जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पूजा अर्चना की।
कार्यक्रम के दौरान कईयों को सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पंडित रघुनाथ मुर्मू के प्रतिमा पर माल्यार्पण कीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आदित्यपुर स्थित एनआईटी में आयोजित दीक्षांत समारोह में भी हिस्सा ली।
लोगों का दिल जीतीं राष्ट्रपति!
आदित्यपुर आगमन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अप्रत्याशित पहल ने सड़क किनारे खड़े लोगों का दिल जीत ली। हुआ यूं कि राष्ट्रपति का काफिला ज्योंहि आकाशवाणी के पास पहुंची सैकड़ों लोगों ने भारत माता की जय बोलकर राष्ट्रपति का ध्यान आकृष्ट किया। तभी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गाड़ी रोकने का इशारा की। वो गाड़ी से उतरकर भीड़ की तरफ बढ़ी । इस दौरान सुरक्षा में तैनात तमाम गार्ड एलट मोड़ में आ गए। राष्ट्रपति बड़ी आत्मीयता से लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन की। यह नजारा सचमुच अप्रत्याशित था।