4 सितंबर तक दर्ज कराएं दावा-आपत्ति, मतदाता सूची में नाम जरूर जांचें: उपायुक्त
लातेहार। जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 को लेकर शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी संदीप कुमार की अध्यक्षता में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे प्रारूप मतदाता सूची में अपना और अपने परिवार के सदस्यों का नाम अनिवार्य रूप से जांच लें। यदि किसी प्रकार की त्रुटि हो या नाम दर्ज नहीं हो तो निर्धारित समय सीमा के भीतर दावा या आपत्ति जरूर दर्ज कराएं।
उपायुक्त ने बताया कि 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जा चुकी है। यह सूची सभी मतदान केंद्रों, ईआरओ और एईआरओ कार्यालयों के साथ-साथ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड की वेबसाइट पर उपलब्ध है। जिन पात्र नागरिकों का नाम सूची में शामिल नहीं है, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रपत्र-6 भरकर 4 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं। वहीं, 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी मतदाता बनने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि यदि मतदाता सूची में किसी मृत, स्थानांतरित या अपात्र व्यक्ति का नाम दर्ज है तो प्रपत्र-7 के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। नाम, पता, आयु या अन्य विवरण में किसी प्रकार की गलती होने पर प्रपत्र-8 के जरिए संशोधन कराया जा सकता है। आवेदन संबंधित बीएलओ के पास जमा करने के अलावा ECINet मोबाइल ऐप और निर्वाचन आयोग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी किए जा सकते हैं।
प्रेस वार्ता में जानकारी दी गई कि 8-9 अगस्त तथा 22-23 अगस्त को जिले के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां मतदाता सूची से जुड़े आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इसके अलावा 15 अगस्त को पंचायत भवनों में ग्रामसभा के माध्यम से मतदाता सूची का सत्यापन और जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। 25 अगस्त से 4 सितंबर तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन भी करेंगे।
उपायुक्त ने कहा कि जिले में अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को मतदाता सूची से जोड़ने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने मीडिया से भी इस अभियान की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने और अधिकाधिक पात्र मतदाताओं को इससे जोड़ने में सहयोग करने की अपील की।
प्रेस वार्ता में उप निर्वाचन पदाधिकारी मेरी मड़की, अनुमंडल पदाधिकारी दिनेश कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. चंदन, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि तथा प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि मौजूद थे।