जमशेदपुर : विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर शहर के बिष्टुपुर स्थित होटल बुलेवार्ड में ‘आदर्श सेवा संस्थान’ और ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन’ के संयुक्त तत्वावधान में परिचर्चा आयोजित की गई। इस अवसर पर संस्था के प्रेसिडेंट डॉक्टर निर्मला शुक्ला ने सभी अतिथियों का अभिनंदन करते हुए बाल श्रम रोकने के लिए बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की बात कही ।
आदर्श सेवा संस्थान के सचिव श्रीमती प्रभा जयसवाल ने संस्था का परिचय देते हुये कहा कि बाल श्रम बच्चों को उनके बचपन और मूल अधिकारों से महरूम कर देता है, लिहाजा इस समस्या से तत्काल निपटने की जरूरत है। बच्चों की जगह ढाबों और फैक्ट्रियों में नहीं बल्कि स्कूलों में है। इसके लिए फील्ड वर्कर मिलकर कार्य करेंगे ।उन्होने सभी स्टेकेहोल्डेर्स से बाल मजदूरी को रोकने के लिए सुझाव देने कि बात रखी ।
इस दौरान डालस से कमल कांत सिन्हा , श्रम विभाग से श्रम अधीक्षक रूपेंद्र प्रसाद एवं आशीष कुमार, बाल कल्याण समिति से अवधेश प्रसाद यादव एवं पवन कुमार , बिष्टुपुर थाना से सूरज कुमार , सोनारी थाना से शिवम राज , जिला बाल संरक्षण ईकाई से एम रवि शास्त्री, चाइल्ड लाईन से प्रवजन कुमार , कैंपस बूम से विकाश श्रीवास्तव, दैनिक भास्कर से सुब्रतो बैनर्जी , सहिया , आंगनवाड़ी सेविका , पीएलवी ,कैस वर्कर जी सी आर पी एस डी कार्यकर्ता , जे. एस. एल. पी. एस. कार्यकर्ता , आदर्श सेवा संस्थान के कोषाध्यक्ष सुश्री चंदना कुमारी , कार्यकारणी समिति के सदस्य पूर्वी घोष , संस्था से मौसमी पाण्डे , राकेश कुमार मिश्रा, गुड्डी सिंह एवं सनातन पाण्डे आदि ने हिस्सा लिया तथा अपने सुझाव दिये।
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) ने कहा कि बच्चों को शिक्षा से जोड़ने, विद्यालयों में बाल श्रम के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और रेस्क्यू किए गए बच्चों का नियमित फॉलो-अप लेने का कार्य करेगी। हर केस के बच्चों का समय-समय पर ‘होम विजिट’ कर पुनर्वास की व्यवस्था पुख्ता की जाएगी एवं जरूरतमद बच्चों को सहयोग प्रदान कर लाभान्वित किया जाएगा ।
थानों की भूमिका (बिष्टुपुर और सोनारी थाना) द्वारा कहा गया कि बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बच्चों के माता-पिता की काउंसिलिंग और सोनारी थाना क्षेत्र में नशा मुक्ति अभियान चलाने के साथ-साथ नशा विक्रेता को चिन्हित करने पर जोर दिया गया ताकि उन्हे दंडित कर बच्चों को उनके गिरफ्त से छुड़ाया जा सके एवं बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जा सके।
स्वास्थ्य सहिया और आंगनबाड़ी सेविका प्रत्येक माह ड्रॉप-आउट बच्चों की पहचान करेंगी। ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य सहिया लड़के-लड़की के भेदभाव को खत्म करेंगी और आंगनबाड़ी सेविकाएं अपने जन्म पंजीकरण (Birth Registration) के माध्यम से बच्चों की सही उम्र की जांच कर बाल विवाह और बाल श्रम पर प्रभावी रोक लगाएंगी।
डालसा एवं श्रम विभाग पदाधिकारियों द्वारा कौशल विकास बच्चों को स्कूल के समय से ही स्किल डेवलपमेंट से जोड़ने और व लेबर कार्ड द्वारा परिवारों को आर्थिक सबल देने के लिए ‘लेबर कार्ड’ समेत विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने पर विशेष चर्चा कि गई ।
मीडिया की भूमिका और जन-जागरूकता पर विकाश श्रीवास्तव एवं सुब्रतो बैनर्जी ने प्रकाश डाला। साथ ही ऐसे अभियान में मीडिया की शत प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया।
अंत में आदर्श सेवा संस्थान की लखी दास धन्यवाद ज्ञापन की।