रांची। झारखंड पशुचिकित्सा सेवा संघ की बहुप्रतीक्षित मांग—पशु चिकित्सा सेवा नियमावली के अनुरूप पदों के चिन्हितीकरण—को मंत्री परिषद से स्वीकृति मिलने पर संघ ने विभागीय मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के प्रति आभार व्यक्त किया है।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि इस निर्णय से राज्य में पशुपालन एवं पशु चिकित्सा क्षेत्र को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी। महामंत्री डॉ. शिवानंद कांशी ने बताया कि नियमावली में आयुक्त के स्थान पर अब महानिदेशक का पद निर्धारित किया गया है, जिससे विभागीय ढांचा और मजबूत होगा।
संघ के अध्यक्ष डॉ. सैमसन संजय टोप्पो एवं महामंत्री डॉ. शिवानंद कांशी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने वर्ष 2024 की नियमावली के अनुरूप पदों के चिन्हितीकरण पर हर्ष व्यक्त किया।
प्रतिनिधियों ने कहा कि राज्य सरकार अधिकारी एवं कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विभागीय सचिव अबूबकर सिद्दकी, निदेशक आदित्य कुमार सहित सभी संबंधित पदाधिकारियों और संघ के सदस्यों के प्रति आभार प्रकट किया।
प्रतिनिधिमंडल में डॉ. संजय सैमसन टोप्पो, डॉ. शिवानंद कांशी, डॉ. जोंसन भेंगरा, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. विजय, डॉ. अमित, डॉ. ललित गगराई, डॉ. चूमनु तिर्की, डॉ. नवीन आर्या एवं डॉ. ललन वैद्य शामिल थे।