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तेनुघाट। तेनुघाट स्थित उपकारा (जेल) में रविवार को माननीय सर्वोच्च न्यायालय, झारखंड उच्च न्यायालय एवं प्रधान जिला जज बोकारो के निर्देश पर जेल अदालत सह कानूनी जागरूकता शिविर एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी राज कुमार पांडेय के नेतृत्व में किया गया।
इस अवसर पर बंदियों के लिए विशेष मेडिकल कैंप भी लगाया गया, जिसमें सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ आंख एवं दांत की जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
शिविर को संबोधित करते हुए न्यायिक दंडाधिकारी राज कुमार पांडेय ने कहा कि जेल अदालत और मेडिकल कैंप के संयुक्त आयोजन से बंदियों को दोहरा लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि नियमित कानूनी जागरूकता के कारण बंदियों में सुधार हो रहा है और जेल में बंदियों की संख्या में भी कमी देखी जा रही है।
उन्होंने जानकारी दी कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से बंदियों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसके तहत पारा लीगल वॉलिंटियर्स की नियुक्ति की गई है, जो बंदियों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाते हैं। साथ ही, जो बंदी निजी वकील रखने में सक्षम नहीं हैं, उनके लिए लीगल एड डिफेंस काउंसिल के तहत अधिवक्ताओं की व्यवस्था की गई है, जो उनके मामलों में निरंतर पैरवी करते हैं।
अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सक डॉ. शंभू कुमार ने कहा कि सभी को स्वतंत्रता के साथ जीवन जीने का अधिकार है, लेकिन कानून का पालन करना भी उतना ही आवश्यक है। पैनल अधिवक्ता शैलेश कुमार सिन्हा ने बंदियों को उनके अधिकारों की जानकारी दी और दहेज अधिनियम के बारे में जागरूक करते हुए बताया कि दहेज लेना और देना दोनों अपराध है।
कार्यक्रम में जेलर नीरज कुमार ने स्वागत भाषण देते हुए बंदियों को आत्मसुधार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मंच संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन अधिवक्ता सुभाष कटरियार ने किया।
इस अवसर पर सूरज मोदी, विजय ठाकुर, मदन प्रजापति, संजय मंडल, इस्तियाक अंसारी सहित कई लोग उपस्थित रहे।