कोटालपोखर संवाददाता।
कोटालपोखर थाना क्षेत्र में विभिन्न मार्गों से कोयला तस्करी का धंधा खुलेआम जारी रहने का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार दिन-रात दर्जनों भुटभुटियों के जरिए कोयला लादकर कोटालपोखर से पश्चिम बंगाल के फरक्का तथा ईंट भट्टों तक भेजा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार के एवज में नियमित रूप से “हफ्ता वसूली” की जा रही है। सूत्रों का दावा है कि निचले स्तर से लेकर उच्च पदाधिकारियों तक मिलीभगत के कारण तस्कर बेखौफ होकर पलासबोना, गुमानी, मिर्जापुर, सिरासिन, दुधिजोल और फतेहपुर मार्ग होते हुए कोयला पश्चिम बंगाल पहुंचा रहे हैं।
सरकार द्वारा रहीमटाड़ जीवनपुर गांव के पास लगाया गया बैरियर भी महज वसूली केंद्र बनकर रह गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बैरियर पर तैनात कर्मी और पुलिसकर्मी खुलेआम अवैध वसूली में लगे हुए हैं।
इस पूरे मामले को लेकर कोटालपोखर और गुमानी क्षेत्र में चर्चा का माहौल गर्म है। लोगों का कहना है कि जो भी इस अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे झूठे मामलों में फंसाकर परेशान किया जाता है।
हालांकि जब इस संबंध में पुलिस प्रशासन के अधिकारियों से पूछताछ की जाती है, तो वे इसे “जलावन” (घरेलू उपयोग) के नाम पर मामला टाल देते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कोयला तस्करी के इस अवैध कारोबार से हर महीने लाखों रुपये की वसूली की जा रही है, जिसकी निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है।