गोमिया (बोकारो):
महासमाधि धारक परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित एवं परम पूज्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज एवं मुनि श्री भाव सागर जी महाराज का रविवार 27 दिसंबर 2025 को श्री दिगंबर जैन मंदिर, गोमिया (जिला बोकारो, झारखंड) में दोपहर बेला में मुनि संघ का ऐतिहासिक आगमन हुआ। यह 27 वर्षों में प्रथम अवसर है जब गोमिया में मुनि संघ का पदार्पण हुआ है।
मुनि संघ की अगवानी आर्यिका श्री विमलमति माताजी ससंघ द्वारा की गई। नगर के विभिन्न स्थलों पर श्रद्धालुओं ने पाद प्रक्षालन, आरती एवं पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया।
बताया गया कि मुनि संघ का पदयात्रा बिहार स्थित श्री सम्मेद शिखर जी की ओर अग्रसर है। यह पदयात्रा 7 नवंबर को सिवनी से प्रारंभ हुई थी, जो अब तक लगभग 1000 किलोमीटर पूर्ण कर चुकी है, जबकि लगभग 100 किलोमीटर की यात्रा शेष है। संभावना है कि 31 दिसंबर को दोपहर 1 बजे श्री सम्मेद शिखर जी में मंगल प्रवेश होगा। वहीं 4 जनवरी 2026 को प्रातः 6 बजे 27 वर्षों में पहली बार तीर्थ क्षेत्र की वंदना संपन्न होगी।
इस पदयात्रा में रांची, साडम, कटंगी, गुना, ललितपुर, खिमलासा, सिवनी, पन्ना, घाटोल सहित अनेक स्थानों के श्रद्धालु सम्मिलित हैं।
इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री भाव सागर जी महाराज ने कहा कि “अच्छी भावना से ही श्रेष्ठ कार्यों की उत्पत्ति होती है। तीर्थ यात्रा में तन, मन और धन से सहयोग करने वाला भगवान तुल्य बनता है।” उन्होंने महिलाओं, बालिकाओं, बालकों एवं नवयुवकों को अपनी आय में से दान की भावना विकसित करने का संदेश दिया, ताकि वे धार्मिक कार्यों में सहभागी बन सकें और जीवन की आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकें।
मुनि श्री ने कहा कि “परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के चरणों के दर्शन करते समय यह भावना रखें कि साक्षात आचार्य श्री के ही दर्शन हो रहे हैं।” उन्होंने आत्म-संयम को जीवन का प्राण बताते हुए कहा कि “जीवन रूपी कार में संयम रूपी ब्रेक अत्यंत आवश्यक है।”
उन्होंने आगे कहा कि संयम समस्त सिद्धियों को प्रदान करने वाला है। धर्म विपत्तियों में भी मुस्कुराना सिखाता है। गुरु की महिमा से मनुष्य की सोई हुई शक्तियां जागृत होती हैं। शिष्य उच्चारण से नहीं, बल्कि उच्च आचरण से शोभित होता है। संयम बंधन नहीं, बल्कि संसार से मुक्त कराने वाला मार्ग है।
सभा में यह भी बताया गया कि पाटनी आर.के. मार्बल व वंडर सीमेंट, किशनगढ़ परिवार द्वारा यात्रा में विशेष सहयोग प्रदान किया गया है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, समाजसेवी एवं जैन समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।