श्रीनगर। नौगाम में शुक्रवार देर रात हुए भीषण विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। श्रीनगर के बाहरी छोर पर स्थित नौगाम पुलिस थाने में रात 11:20 बजे अचानक हुए इस जबरदस्त धमाके की आवाज इतनी भीषण थी कि आसपास के कई मोहल्लों में रहने वाले लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि उस समय अधिकांश लोग सो रहे थे, इसलिए घाटी के बड़े हिस्से को इस घटना की जानकारी शनिवार तड़के नींद से जागने पर मिली, जिसके बाद लोग सन्न रह गए।
रात 11:20 बजे हुआ धमाका, 9 लोगों की मौत
जांच में सामने आया कि विस्फोट में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें अधिकतर पुलिसकर्मी, थाना स्टाफ और एक स्थानीय दर्जी शामिल है। धमाका इतना बड़ा था कि इसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। नौगाम और उससे सटे इलाकों में लोग अचानक से घरों से बाहर निकल आए, और कई इलाकों में घंटों तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।
लोगों ने बताया कि जैसे ही धमाका हुआ, पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया और अचानक चीख-पुकार सुनाई देने लगी। स्थानीय अस्पतालों में देर रात ही घायल पुलिसकर्मियों को भर्ती कराया गया, जिनमें कई की हालत गंभीर थी।
लोगों ने रात भर जागकर गुजारी — “हम सो नहीं पाए”
छत्ताबल निवासी आदिल भसीर ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी शनिवार सुबह मिली।
“मैं सुबह रोटी लेने के लिए नानवाई के पास गया था। वहां लोगों को आपस में बात करते सुना, तब मालूम पड़ा कि नौगाम में बड़ा धमाका हुआ है। खबर सुनकर मैं स्तब्ध रह गया,” उन्होंने कहा।
आरिफ भट, जो एक अन्य इलाके में रहते हैं, के अनुसार उन्होंने इस घटना के बारे में सुबह ही पता चलने पर गहरा दुख जताया।
“रात में क्या हुआ, किसी को खबर ही नहीं थी। जब पता चला कि 9 कीमती जानें चली गईं, तो मन विचलित हो उठा,” उन्होंने कहा।
नौगाम से कुछ ही मीटर की दूरी पर रहने वाले मोहम्मद अली ने उस भयावह रात का अनुभव साझा करते हुए बताया—
“हम सोने की तैयारी कर रहे थे। बच्चे सो चुके थे। 11:20 बजे जैसे ही आंख लग रही थी, अचानक इतना तेज धमाका हुआ कि लगा हमारा मकान टूट जाएगा। खिड़कियों के शीशे चूर-चूर हो गए, दरवाजे हिल गए। धूल और कांच उड़कर पूरे कमरे में फैल गए।”
उन्होंने कहा—
“खिड़की से बाहर देखा तो पुलिस स्टेशन धू-धू कर जल रहा था। चीखें सुनाई दे रही थीं। हम सब पूरी रात दहशत में जागते रहे।”
“यह रात कयामत की रात थी” – स्थानीय निवासी
मुर्तजा याकूब नामक एक अन्य स्थानीय नागरिक ने कहा कि धमाके की आवाज इतनी भयानक थी कि उन्हें लगा सब कुछ खत्म हो जाएगा।
“घरों में बारूद की गंध फैल गई थी। धुआं अंदर तक आ गया था। परिवार के लोग एक-दूसरे को छूकर देख रहे थे कि कहीं हम सब मर तो नहीं गए,” उन्होंने कहा।
स्थानीय मोहम्मद लतीफ ने बताया कि वे रोज की तरह सुबह उठकर जैसे ही फोन चेक करने लगे, सोशल मीडिया पर भयावह तस्वीरें देखकर दंग रह गए।
“मैं सुन्न रह गया। अभी तक सदमे में हूं,” उन्होंने कहा।
पूरे इलाके में दहशत; सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
घटना के बाद से नौगाम और आसपास के इलाकों में लोगों के बीच गहरा भय और असुरक्षा का माहौल है। श्रीनगर शहर समेत समूची घाटी में सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है। नौगाम थाना क्षेत्र के एक किलोमीटर के दायरे में पुलिस ने ऐहतियातन तारबंदी कर दी है।
साथ ही, आसपास के घरों और बाजारों को सेनिटाइज किया जा रहा है ताकि किसी भी विस्फोटक अवशेष का खतरा न रहे।
पुलिस और फॉरेंसिक टीमें घटनास्थल पर लगातार जांच कर रही हैं। अभी तक विस्फोट के कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है।
विस्फोट से दो दर्जन से अधिक घरों को भारी नुकसान
धमाके की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस स्टेशन के आसपास स्थित लगभग दो दर्जन से अधिक घरों को व्यापक नुकसान पहुंचा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि—
- खिड़कियों के शीशे टूट गए,
- दीवारों में दरारें पड़ गईं,
- फर्नीचर और घरेलू सामान बिखर गया,
- रसोई की अलमारियाँ और पैनल उखड़ गए,
- कई घरों की छतें आंशिक रूप से गिर गईं।
लोगों के अनुसार, संपत्ति का नुकसान करोड़ों में है। कई परिवारों का कहना है कि उनके घरों का आधा हिस्सा रहने लायक भी नहीं बचा है।
विस्फोट के कारण मकानों के अंदरूनी हिस्से पूरी तरह से अव्यवस्थित हो गए। कई छोटे बच्चों और बुजुर्गों को हल्की चोटें भी आई हैं, हालांकि गंभीर रूप से घायल होने की बात नहीं सामने आई।
पुलिस स्टेशन को भी भारी नुकसान
नौगाम पुलिस स्टेशन की इमारत का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है।
- निरीक्षण कक्ष,
- सीसीटीवी मॉनिटरिंग रूम,
- ज़ब्त सामग्री रखने वाले कार्यालय,
- थाना रिकॉर्ड रूम
सब बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
धमाके से बने दबाव ने स्टेशन की खिड़कियों के शीशे उड़ा दिए, कई दीवारें फट गईं और छत के हिस्से नीचे गिर पड़े। कार्यालय उपकरण, कंप्यूटर, फाइलें और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज नष्ट हो गए हैं।
जांच जारी, विस्फोट की प्रकृति पर संशय
अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस विस्फोट की प्रकृति क्या थी।
क्या यह
- दुर्घटना थी?
- आतंकी साजिश?
- या किसी विस्फोटक सामग्री का अचानक फटना?
पुलिस, राष्ट्रीय जांच एजेंसी और बम स्क्वॉड की टीमें मिलकर घटनास्थल की जांच कर रही हैं।
कुछ सूत्रों का कहना है कि पुलिस स्टेशन में मौजूद किसी जब्त विस्फोटक सामग्री में रासायनिक प्रतिक्रिया से विस्फोट हुआ हो सकता है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इलाके में भय का वातावरण; लोग दहशत में
घटना के बाद नौगाम और आसपास के क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। लोग अभी भी घरों से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं। कई परिवारों ने रात बाहर या रिश्तेदारों के घरों में बिताई।
दुकानों ने देर से खुलना शुरू किया और कई स्थानों पर आवाजाही कम रही।
लोगों का कहना है कि धमाके की आवाज, हिलता घर और टूटते शीशों का दृश्य अब भी उनके मन से नहीं निकल रहा।