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बरहरवा:जल मीनार तीन साल से बंद,ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझी

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बरहरवा:जल मीनार तीन साल से बंद,ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझी

बरहरवा (साहिबगंज) – बरहरवा प्रखंड के जेटके कुम्हारजोरी अंतर्गत कोरंगा टोला में तीन साल पहले सरकार द्वारा सोलर आधारित जल मीनार का निर्माण किया गया था, लेकिन आज तक ग्रामीणों को इससे एक बूंद पानी नहीं मिल पाया। चालू होने के मात्र छह माह बाद ही यह जल मीनार खराब हो गया। ग्रामीणों की शिकायत…

बरहरवा:जल मीनार तीन साल से बंद,ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझी
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बरहरवा:जल मीनार तीन साल से बंद,ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझी

बरहरवा (साहिबगंज) – बरहरवा प्रखंड के जेटके कुम्हारजोरी अंतर्गत कोरंगा टोला में तीन साल पहले सरकार द्वारा सोलर आधारित जल मीनार का निर्माण किया गया था, लेकिन आज तक ग्रामीणों को इससे एक बूंद पानी नहीं मिल पाया। चालू होने के मात्र छह माह बाद ही यह जल मीनार खराब हो गया। ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद न तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस ओर ध्यान दिया और न ही संबंधित विभाग ने कोई कार्रवाई की।

जल संकट से त्रस्त ग्रामीण

कोरंगा टोला की कुल जनसंख्या 300 है, लेकिन पूरे गांव में मात्र एक चापाकल था, जो अब खराब हो चुका है। गांव से करीब एक किलोमीटर दूर एक कुआं है, जहां से गर्मी के दिनों में ग्रामीण पीने का पानी लाते हैं। जल मीनार के पास एक और चापाकल है, लेकिन वह भी लंबे समय से खराब पड़ा है। इस वजह से गांव के लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि चार साल पहले सरकार ने सोलर जल योजना के तहत इस जल मीनार का निर्माण कराया था, लेकिन छह माह पूर्व इसकी एक सोलर प्लेट चोरी हो जाने के बाद से यह पूरी तरह बंद है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ।

पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश

ग्रामीण बाबू राम मुर्मू, सुनील मुर्मू, लखन मुर्मू, जेम्स मुर्मू, मुंशी हेम्ब्रम, खरी हेम्ब्रम आदि ने बताया कि गर्मी के दिनों में जल संकट और अधिक गंभीर हो जाता है। गांव में पानी के स्रोत न के बराबर हैं, जिससे महिलाओं और बच्चों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। लोगों ने आरोप लगाया कि जल मीनार का निर्माण तो हुआ, लेकिन इसकी देखरेख और मरम्मत को लेकर प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

ग्रामीणों ने कई बार अपनी समस्या समाचार पत्रों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द जल मीनार को फिर से चालू किया जाए ताकि उन्हें पानी के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े।

फंड की कमी का हवाला दे रहा विभाग

इस संबंध में जब पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कनीय अभियंता दिलीप कुमार मंडल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कोरंगा टोला का जल मीनार काफी पुरानी योजना के तहत बनाया गया था। वर्तमान में विभाग के पास मरम्मत के लिए फंड उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार से जल मीनार के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव आता है, तो कोरंगा टोला में फिर से डीप बोरिंग कर जल मीनार का निर्माण कराया जाएगा।

जल संकट से निजात की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि जल मीनार को जल्द से जल्द चालू किया जाए और गांव में जल आपूर्ति की समुचित व्यवस्था की जाए। इसके अलावा, उन्होंने गांव में नए चापाकल लगाने की भी मांग की है ताकि वे पानी के लिए परेशान न हों।

गर्मी के दिनों में पानी की समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है, जिससे कई बार लोगों को दूर-दराज के इलाकों से पानी लाना पड़ता है। यदि जल्द ही कोई समाधान नहीं निकला, तो ग्रामीण बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं।

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