पाकुड़ (संवाददाता):
हिरणपुर प्रखंड क्षेत्र में बिना जानकारी खनन प्रक्रिया चलाए जाने का मामला सामने आया है। दर्जनों स्थानीय रैयतों ने इस संबंध में उपायुक्त मेघा भारद्वाज को लिखित शिकायत सौंपते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिकायतकर्ताओं में वैजवा मरांडी, चूंहा मरांडी, मांझी मुर्मू, हुतार मरांडी, जोहन मरांडी, मिसोल मरांडी, छनारियस मरांडी, बार्का मरांडी, जोगन मरांडी, राम मरांडी सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रखंड कार्यालय से पत्र मिलने के बाद ही उन्हें पूरे मामले की जानकारी हुई, जिससे साजिश की आशंका गहराती है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मूल रैयतों की अनुपस्थिति में फर्जी हस्ताक्षर एवं अंगूठे के निशान का इस्तेमाल कर ग्राम सभा की फर्जी कार्यवाही तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम एवं खनन नियमों के तहत बिना पारदर्शी ग्राम सभा और स्पष्ट सहमति के किसी भी खनन पट्टा को मंजूरी देना पूरी तरह गैरकानूनी है।
रैयतों ने खनन लीज प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में जिला खनन पदाधिकारी एवं हिरणपुर अंचलाधिकारी को भी शिकायत की प्रतिलिपि सौंपी गई है।