लातेहार: शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों को एमएसीपी (मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन) का लाभ नहीं दिए जाने संबंधी आदेश के विरोध में शनिवार को झारखंड प्रगतिशील शिक्षक संघ के बैनर तले जिले के शिक्षकों ने काली पट्टी (काला बिल्ला) लगाकर विरोध दर्ज कराया। विरोध के बावजूद शिक्षकों ने नियमित रूप से विद्यालयों में शिक्षण कार्य जारी रखा। इसके साथ ही ट्विटर (एक्स), फेसबुक और इंस्टाग्राम समेत विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर अभियान चलाकर अपनी मांग सरकार और आम लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया।
संघ के जिला अध्यक्ष हीरा प्रसाद यादव ने कहा कि राज्य के अन्य कर्मचारियों को एमएसीपी और प्रोन्नति का लाभ मिल रहा है, जबकि शिक्षकों को इससे अलग रखना समानता के सिद्धांत के विपरीत है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब शिक्षक भी राज्यकर्मी हैं तो उनके साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है।
प्रदेश संगठन सचिव ब्रजेश कुमार सिंह और संयुक्त सचिव जगतमणि वैद्य ने कहा कि सरकार विधानसभा में शिक्षकों के पक्ष में सकारात्मक आश्वासन दे चुकी है। साथ ही सत्तारूढ़ दल ने भी अपने घोषणा-पत्र में एमएसीपी देने का वादा किया था। ऐसे में शिक्षा विभाग का हालिया आदेश शिक्षकों की उम्मीदों के विपरीत है।
जिला संगठन मंत्री विजय लाल और जिला उपाध्यक्ष रशीद अंसारी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द निर्णय नहीं लेती है तो राज्यभर में आंदोलन तेज किया जाएगा। जिला सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि यह विरोध किसी व्यक्ति या सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि शिक्षकों के अधिकार, समानता और किए गए वादों को लागू कराने की मांग है।