पाकुड़ संवाददाता।
गरीब, असहाय और वंचित लोगों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पाकुड़ के सभागार में एक दिवसीय ओरियंटेशन सह पैरा लीगल वॉलेंटियर्स (पीएलवी) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम झालसा, रांची के निर्देशानुसार आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष दिवाकर पांडेय के मार्गदर्शन तथा डालसा सचिव रूपा बंदना किरो की उपस्थिति में पीएलवी के कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान उनके कार्य रजिस्टरों का मूल्यांकन कर बेहतर कार्यप्रणाली के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव रूपा बंदना किरो ने कहा कि पैरा लीगल वॉलेंटियर्स न्याय व्यवस्था और समाज के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने सभी पीएलवी से अपील की कि वे अधिक से अधिक जरूरतमंदों, खासकर गरीबों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगों तक पहुंचकर उन्हें निःशुल्क कानूनी सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जानकारी के अभाव में कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित नहीं रहना चाहिए।
प्रशिक्षण के दौरान पीएलवी के कार्य कौशल को मजबूत करने, जनसंपर्क बढ़ाने और गांव-गांव तक विधिक जागरूकता फैलाने पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि एक जागरूक पीएलवी कई परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
इस मौके पर लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ सुबोध कुमार दफादार, डिप्टी चीफ मो. नुकुमुद्दीन शेख, सहायक गंगाराम टुडू सहित जिले के सभी पैरा लीगल वॉलेंटियर्स उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि न्याय केवल अदालतों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक अधिकार और कानूनी सहायता पहुंचाना ही सच्चे न्याय की पहचान है।