पाकुड़ संवाददाता:
शेरशाहवादी समुदाय के जाति प्रमाण पत्र निर्गत किए जाने में आ रही समस्याओं के समाधान को लेकर झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री एवं पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक आलमगीर आलम ने पाकुड़ के उपायुक्त को पत्र लिखकर जिले में भी जांच समिति गठित करने की मांग की है।
उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि साहिबगंज जिले की तर्ज पर पाकुड़ में भी समिति का गठन कर शेरशाहवादी समुदाय की सामाजिक एवं स्थानीय स्थिति का सर्वेक्षण कराया जाए। उन्होंने बताया कि साहिबगंज में उपायुक्त के निर्देश पर गठित समिति बरहरवा, राजमहल और उधवा प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में जाकर जांच कर रही है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि पाकुड़ जिले में भी बड़ी संख्या में शेरशाहवादी समुदाय के लोग निवास करते हैं, जिन्हें लंबे समय से जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में यहां भी समिति गठित कर विस्तृत जांच कराना आवश्यक है।
उन्होंने यह भी बताया कि कुछ समय पूर्व साहिबगंज के बरहरवा प्रखंड में शेरशाहवादी समुदाय द्वारा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया गया था, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया गया था कि जांच समिति गठित कर मामले की जांच की जाएगी। उसी के अनुरूप वर्तमान में साहिबगंज में समिति कार्य कर रही है।
आलमगीर आलम ने कहा कि यदि पाकुड़ जिले में भी इसी प्रकार की समिति गठित कर जांच कराई जाती है, तो साहिबगंज और पाकुड़ दोनों जिलों की रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जा सकेगी। इससे सरकार को आवश्यक निर्णय लेने में सुविधा होगी और शेरशाहवादी समुदाय के लोगों को जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने की दिशा में ठोस पहल संभव हो सकेगी।
उन्होंने उपायुक्त से आग्रह किया है कि शेरशाहवादी समुदाय के हितों को ध्यान में रखते हुए पाकुड़ जिले में शीघ्र जांच समिति का गठन किया जाए, ताकि लंबे समय से लंबित इस मांग का न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित किया जा सके।