पाकुड़। श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिला इकाई पाकुड़ द्वारा सोमवार को श्रद्धांजलि सभा एवं जिला कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. मुखर्जी मार्केट कॉम्प्लेक्स स्थित उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके पश्चात अर्पणा मार्केट परिसर में जिलाध्यक्ष सरिता मुर्मू की अध्यक्षता में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सरिता मुर्मू ने डॉ. मुखर्जी को महान शिक्षाविद, दूरदर्शी राजनेता एवं प्रखर राष्ट्रभक्त बताते हुए कहा कि उन्होंने भारत की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया।
पूर्व जिलाध्यक्ष विवेकानंद तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता के बाद पहली केंद्रीय मंत्रिपरिषद में उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में डॉ. मुखर्जी ने देश की औद्योगिक नीति को नई दिशा दी। उनके प्रयासों से चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रतिष्ठानों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ।
वहीं पूर्व प्रदेश मंत्री दुर्गा मरांडी ने कहा कि वर्ष 1950 में पूर्वी पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के मुद्दे पर नेहरू-लियाकत समझौते का विरोध करते हुए डॉ. मुखर्जी ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 21 अक्टूबर 1951 को उन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना की, जिसके वे प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। उन्होंने कहा कि जनसंघ की विचारधारा ही आज भाजपा की वैचारिक नींव है।
प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनुग्राहित प्रसाद साह एवं अमृत पांडेय ने जम्मू-कश्मीर में अलग संविधान, अलग झंडा और अलग प्रधानमंत्री की व्यवस्था के विरोध में डॉ. मुखर्जी के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका प्रसिद्ध नारा “एक देश में दो विधान, दो प्रधान नहीं चलेंगे” आज भी राष्ट्र की एकता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि 11 मई 1953 को बिना परमिट जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया था और नजरबंदी के दौरान 23 जून 1953 को रहस्यमय परिस्थितियों में उनका निधन हो गया।
वक्ताओं ने कहा कि डॉ. मुखर्जी के संघर्ष और बलिदान ने आगे चलकर धारा 370 हटाने तथा “एक राष्ट्र, एक विधान” की अवधारणा को साकार करने की मजबूत आधारशिला रखी।
कार्यक्रम में भाजपा के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित थे।