लातेहार में बिजली विभाग की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नगर पंचायत क्षेत्र के अंबाकोठी निवासी उपभोक्ता उपेंद्र प्रसाद को महज छह महीने के भीतर करीब दो लाख रुपये का बिजली बिल भेजा गया है, जिससे वे गहरे सदमे में हैं।
उपेंद्र प्रसाद के अनुसार, नवंबर 2025 तक उनके घर का बिजली बिल शून्य था। उनके घर में सामान्य घरेलू उपयोग के तहत केवल दो पंखे, दो कूलर और कुछ लाइटों का ही इस्तेमाल होता है। इसके बावजूद मार्च 2026 में उन्हें 1,87,646 रुपये का भारी-भरकम बिल थमा दिया गया।
इतना बड़ा बिल देखकर वे तुरंत बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। उपभोक्ता का कहना है कि प्रारंभिक जांच में विभागीय अधिकारियों ने तकनीकी त्रुटि होने की बात स्वीकार भी की और सुधार का आश्वासन दिया।
लेकिन हैरानी की बात यह रही कि सुधार के बजाय जून 2026 में उन्हें और अधिक, यानी 1,99,167 रुपये का बिल भेज दिया गया।
उपेंद्र प्रसाद ने आरोप लगाया है कि उनके उपभोक्ता संख्या से जुड़े मीटर रीडिंग और बिजली खपत के आंकड़ों में गंभीर गड़बड़ी हुई है। उनका कहना है कि संभवतः किसी अन्य उपभोक्ता की खपत उनके खाते में जोड़ दी गई है, जिससे बिल असामान्य रूप से बढ़ गया।
उन्होंने जिला प्रशासन और बिजली विभाग के वरीय अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर सही बिल जारी करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
इस घटना के बाद क्षेत्र के अन्य उपभोक्ताओं में भी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही आम जनता पर भारी पड़ रही है और ऐसे मामलों की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।