बालूमाथ के बिरहोर टोला के समीप तेज रफ्तार हाइवा की चपेट में आने से एक आदिम जनजाति के ग्रामीण की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने लगभग 20 घंटे तक स्टेट हाईवे जाम कर रखा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला परिषद उपाध्यक्ष अनीता देवी स्वयं घटनास्थल पर पहुंचीं और प्रशासन, ग्रामीणों तथा कंपनी प्रबंधन के बीच लगातार वार्ता कर समाधान का रास्ता निकाला।
करीब चार घंटे चली वार्ता के बाद कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी। इसके तहत पीड़ित परिवार को तत्काल ₹5 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। साथ ही वाहन की बीमा कंपनी से नियमानुसार अतिरिक्त मुआवजा दिलाने, मृतक की पत्नी को कंपनी की ओर से ₹3,000 मासिक आजीवन पेंशन और सरकारी विधवा सम्मान पेंशन उपलब्ध कराने तथा मृतक के पुत्र को रोजगार देने का निर्णय लिया गया। बिरहोर टोला में पेयजल सुविधा के लिए बोरिंग कराने पर भी सहमति बनी।
वार्ता के दौरान अनीता देवी ने सड़क सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए भारी वाहनों की अनियंत्रित गति, चालकों से लंबी अवधि तक ड्यूटी लेने की व्यवस्था तथा अवैध प्रेशर हॉर्न, ब्लैक फिल्म और अतिरिक्त लाइटों के उपयोग पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
इसके अलावा स्कूली समय में भारी वाहनों के परिचालन पर नियंत्रण, निर्धारित गति सीमा का सख्ती से पालन, क्षेत्र में सड़क किनारे 50 सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने तथा निगरानी के लिए 10 स्थानीय गार्डों की नियुक्ति पर भी सहमति बनी। नवादा में निर्दोष ग्रामीणों पर दर्ज प्राथमिकी वापस लेने का निर्णय भी लिया गया।
अनीता देवी ने कहा कि पीड़ित परिवार को त्वरित न्याय दिलाने के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय लोगों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी सोमा उरांव, अंचल अधिकारी बालेश्वर राम, झाबर पंचायत की मुखिया शीलो देवी के प्रतिनिधि वासुदेव राव, पूर्व मुखिया, विक्रांत सिंह, केदार यादव, रामनरेश सोनी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
सहमति बनने के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 20 घंटे से बाधित स्टेट हाईवे पर यातायात पुनः सामान्य हो गया।