लातेहार जिले की 11 पंचायतें हुईं ‘टीबी फ्री पंचायत’ के पहले चरण में चयनित
लातेहार।विश्व यक्ष्मा दिवस (24 मार्च) के अवसर पर टीबी उन्मूलन के 100 दिवसीय अभियान का शुभारंभ किया गया। लातेहार जिला अंतर्गत कुल 11 पंचायतें ‘टीबी फ्री पंचायत’ के पहले चरण के लिए चयनित हुई हैं। लातेहार प्रखंड की चयनित 5 पंचायतों को प्रथम चरण का टीबी फ्री पंचायत प्रमाण पत्र और महात्मा गांधी की प्रतिमा मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
सिल्वर व गोल्ड फेज लाने की घोषणा
जालिम खुर्द की मुखिया ने सम्मान प्राप्त करने के बाद कहा—
“हम इस पहल को और आगे बढ़ाते हुए दूसरे चरण में सिल्वर तथा तीसरे चरण में गोल्ड स्टैच्यू अवश्य प्राप्त करेंगे।”
उन्होंने पंचायत को टीबी मुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने का संकल्प दोहराया।
टीबी उन्मूलन के लिए प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग का संयुक्त प्रयास
टीबी मरीजों की समय पर पहचान, उचित देखभाल और नियमित उपचार को प्रोत्साहित करने के लिए हर वर्ष 24 मार्च को विश्व यक्ष्मा दिवस मनाया जाता है।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी उन्मूलन के लिए कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की सहिया बहनों की महत्वपूर्ण भूमिका से गांव-गांव में जागरूकता और उपचार व्यवस्था सुदृढ़ हुई है।
निक्षय मित्र—टीबी मुक्त भारत अभियान का सशक्त हिस्सा
‘निक्षय मित्र’ पहल के तहत जनप्रतिनिधि, अधिकारी, संस्थान और सामान्य नागरिक टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें पोषण आहार उपलब्ध कराते हैं, जिससे मरीजों की रिकवरी तेज होती है।
उपायुक्त ने दिया टीबी मुक्त लातेहार का लक्ष्य
उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने कहा—
“लातेहार को टीबी मुक्त जिला बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। टीबी टीम द्वारा प्रत्येक गांव में सर्वे कर मरीजों की पहचान की जा रही है और नियमित निगरानी की जा रही है।”
उन्होंने बताया कि 100 दिवसीय विशेष अभियान के तहत टीबी संभावित प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाएगी।
साथ ही टीबी मरीजों को हर माह पोषण किट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। एक मरीज को 6000 रुपये (उपचार अवधि में) पौष्टिक भोजन हेतु दिए जाते हैं।
टीबी मरीजों को मिलती है उपचार अवधि तक आर्थिक सहायता
जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. शोभना टोपो ने बताया कि टीबी रोग होने पर मरीज की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है।
समृद्ध मरीज स्वयं प्रोटीन युक्त भोजन लेकर अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा लेते हैं, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को कठिनाई होती है।
डॉ. टोपो ने कहा—
“स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी मरीजों को निःशुल्क इलाज के साथ उपचार अवधि तक प्रतिमाह ₹1000 पोषण हेतु उपलब्ध कराया जाता है।”
उन्होंने बताया कि यह पहल टीबी मरीजों की रिकवरी को तेज करने में बेहद प्रभावी सिद्ध हो रही है।