गुमला | राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के तहत शनिवार को गुमला की सड़कों पर एक अनोखा और संदेशपूर्ण नज़ारा देखने को मिला। आमतौर पर चालान काटते दिखने वाले परिवहन विभाग के अधिकारी इस बार हाथों में चालान बुक नहीं, बल्कि गुलाब के फूल और फूलों की माला लिए खड़े नजर आए। जिला प्रशासन एवं परिवहन विभाग के संयुक्त अभियान का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि चालकों के भीतर सोई जिम्मेदारी को जगाना था।
अभियान के दौरान हेलमेट पहनकर वाहन चला रहे जागरूक चालकों को गुलाब का फूल देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनके चेहरों पर गर्व और संतोष की मुस्कान दिखाई दी। वहीं दूसरी ओर बिना हेलमेट फर्राटा भर रहे चालकों को बीच सड़क पर फूलों की माला पहनाई गई, जिससे वे आम लोगों के बीच स्वयं को असहज और शर्मिंदा महसूस करते नजर आए।
इस अवसर पर परिवहन विभाग ने स्पष्ट शब्दों में संदेश दिया कि यदि आप अखबार की सुर्खियों में दुर्घटना के शिकार के रूप में नहीं आना चाहते, तो हेलमेट को बोझ समझना छोड़ दें। अधिकारियों ने कहा कि यातायात नियम किस्मत के भरोसे नहीं, बल्कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए अपनाए जाने चाहिए।
मोटर यान निरीक्षक रॉबिन अजय सिंह ने चालकों को संबोधित करते हुए कहा कि थोड़ी सी लापरवाही किसी का घर उजाड़ सकती है, जबकि आपकी सजगता किसी की जान बचा सकती है। इस जन-जागरूकता अभियान को धरातल पर उतारने में प्रदीप कुमार तिर्की की भी अहम भूमिका रही।
जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल के मार्गदर्शन में चल रहे इस अभियान का विजन केवल एक दिन का सुधार नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य का निर्माण है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2030 तक सड़क हादसों में होने वाली मौतों की संख्या को आधा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी क्रम में पूरे जनवरी माह तक जागरूकता रथ, स्कूलों में सड़क सुरक्षा पाठशालाएं एवं विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
शनिवार को हुए इस अभिनव आयोजन ने गुमला के वाहन चालकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि सुरक्षा का रास्ता डर से नहीं, बल्कि समझदारी से होकर गुजरता है।