स्वांग (बोकारो)।
डी.ए.वी पब्लिक स्कूल स्वांग, सीसीएल, बोकारो के सभागार में शुक्रवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा आयोजित शिक्षक क्षमता-संवर्धन कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला सीबीएसई, सीओई पटना के तत्वावधान में संपन्न हुई, जिसमें विद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यशाला में सीबीएसई द्वारा नियुक्त विषय-विशेषज्ञ सोमेन चक्रवर्ती एवं स्वाति प्रियंका ने अपने-अपने सत्रों के माध्यम से शिक्षकों को नवीन शिक्षण पद्धतियों से अवगत कराया।
श्री सोमेन ने लर्निंग आउटकम्स एवं पेडागॉजी विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि सीबीएसई पाठ्यक्रम में इन अवधारणाओं को शामिल करने से विद्यार्थियों में विभिन्न परिस्थितियों से निपटने की क्षमता विकसित होती है। उन्होंने शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए नाट्य, संगीत, चित्रकला एवं अभिनय जैसी कलात्मक विधाओं के प्रयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी शिक्षण प्रक्रियाएँ विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होती हैं।
वहीं स्वाति प्रियंका ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को आधुनिक एवं नवाचारपूर्ण शिक्षण तकनीकों से जोड़ते हैं। उन्होंने बताया कि ये कौशल व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक दोनों क्षेत्रों में सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
विद्यालय की प्राचार्या डी. बनर्जी ने कार्यशाला को शिक्षकों एवं विद्यार्थियों दोनों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को लाइफ-लॉन्ग लर्नर बनाना है। इसके लिए उन्हें ज्ञान, दक्षता एवं 21वीं सदी के कौशल—जैसे क्रिटिकल थिंकिंग और प्रॉब्लम सॉल्विंग—से सुसज्जित करना आवश्यक है। इससे शिक्षक प्रभावी लेसन प्लान तैयार कर विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण एवं मूल्यांकन कर सकते हैं।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन वरीय शिक्षक निर्मल बेहूरा ने किया, जबकि मंच संचालन अंग्रेजी शिक्षिका सुवर्णा श्री ने किया।
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