रिपोर्टिंग: प्रेम कुमार साहू, घाघरा (गुमला),
घाघरा। प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित शिव एवं हनुमान मंदिर की प्रतिमा, शीशा एवं अन्य सामग्री को क्षतिग्रस्त किए जाने के विरोध में सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) साढ़े पांच घंटे तक जाम रहा। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार यह घटना रविवार की शाम करीब सात बजे की है।
घटना से आक्रोशित घाघरा के महिला-पुरुषों ने प्रखंड कार्यालय के मुख्य गेट के समक्ष पूर्वाह्न 9 बजे से अपराह्न ढाई बजे तक एनएच को जाम कर दिया। जाम हटवाने के लिए पहले पुलिस इंस्पेक्टर विनय कुमार, बाद में एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव, बीडीओ दिनेश कुमार एवं सीओ खाखा सुशील कुमार ने जामकर्ताओं से वार्ता की, लेकिन प्रदर्शनकारी वरीय अधिकारी को बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
करीब दो बजे अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजीव नीरज जाम स्थल पर पहुंचे और लगभग आधे घंटे तक जामकर्ताओं से बातचीत की। उन्होंने दो दिनों के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, जिसके बाद ढाई बजे सड़क जाम हटाया गया।
जामकर्ताओं ने मांग पत्र सौंपते हुए प्रखंड क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक, पशु तस्कर शाबिद खान की थाने में आवाजाही पर कार्रवाई, अजय एवं निखिल पर दर्ज कथित झूठे केस हटाने सहित अन्य मांगें रखीं।
सड़क जाम हटते ही थाना प्रभारी पुनीत मिंज सहित अन्य पुलिस अधिकारी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान में जुट गए। महज डेढ़ घंटे के भीतर आरोपी की पहचान कर उसे थाना लाया गया। आरोपी की पहचान जगबगीचा निवासी मनी उरांव के रूप में हुई है, जो मंदिर के सामने स्थित गोदाम में राशन लोडिंग का कार्य करता था। बताया गया कि पिछले कुछ हफ्तों से उसकी मानसिक स्थिति असंतुलित हो गई थी और उसने गोदाम में काम करना भी छोड़ दिया था। वह पूजा-पाठ भी करता था और थाना लाए जाने के दौरान उसके हाथ में गुलइची का फूल था।
इधर, एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव ने प्रेसवार्ता कर पूरी घटना की जानकारी दी। आरोपी की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे पत्रकारों के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया।
सड़क जाम के कारण व्यावसायिक, यात्री एवं निजी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा।