बरहरवा।
तीनपहाड़ बस स्टैंड मोड़ के समीप गुरुवार रात्रि अंजुमन-ए-हुसैनिया कमिटी की ओर से सोहदाए करबला कॉन्फ्रेंस (जलसा) का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम देर रात तक चला जिसमें दूर-दराज से आए वक्ताओं और नातख्वानों ने शिरकत की।
इस जलसे में मुख्य वक्ता के रूप में बिहार के भागलपुर स्थित खानकाह शाहबाज़िया के मुक़रीर सैयद मखमूर जामी शामिल हुए। उन्होंने अपने प्रेरणादायक तक़रीर में कहा कि “इस्लाम तलवार के ज़ोर पर नहीं, बल्कि मोहब्बत और अच्छे अख़लाक से फैला है।” उन्होंने करबला की शहादत का ज़िक्र करते हुए हज़रत इमाम हुसैन की कुर्बानी से जुड़ी घटनाओं को विस्तार से बताया और लोगों से नमाज़ व नेकी के रास्ते पर चलने की अपील की।
वहीं, उत्तर प्रदेश के बरेली शरीफ से आए मशहूर नातख्वां शोएब रज़ा ने अपनी दिलकश नातों से माहौल को रोशन कर दिया और उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ी थी। जलसे के समापन पर तबर्रुख के रूप में मिठाइयों का वितरण किया गया।
इस मौके पर नोशाद आलम, मोशर्रफ़ रज़ा हैदरी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। मंच का संचालन दाऊद अशरफी ने किया। जलसे को सफल बनाने में हासिम अंसारी, नवाज़ शौकत, आतिफ राजा, अफ़रोज डब्लू, नुरुल अमीन, रुक़सार अंसारी, आसिफ कबीर, और अधहम अंसारी सहित अन्य युवाओं का योगदान सराहनीय रहा।