Views: 1
0 0
बुंडू टोल प्लाजा पर ‘गुप्त वसूली’ का आरोप, ट्रेलर रोके जाने से ट्रांसपोर्टर परेशान

NEWS APPRAISAL

न्यूज पेपर,Latest Breaking News,R.N.I-NO-JHAHIN/2021/85246

, , , ,

बुंडू टोल प्लाजा पर ‘गुप्त वसूली’ का आरोप, ट्रेलर रोके जाने से ट्रांसपोर्टर परेशान

रांची। झारखंड के बुंडू टोल प्लाजा पर कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है, जहां एक ट्रांसपोर्टर और टोलकर्मियों के बीच विवाद के बाद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। घटना सोमवार की बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक कमर्शियल ट्रेलर (संख्या NL04AA1699) जमशेदपुर से मध्यप्रदेश जा रहा था। टोल प्लाजा से…

बुंडू टोल प्लाजा पर ‘गुप्त वसूली’ का आरोप, ट्रेलर रोके जाने से ट्रांसपोर्टर परेशान
Read Time:2 Minute, 54 Second

रांची। झारखंड के बुंडू टोल प्लाजा पर कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है, जहां एक ट्रांसपोर्टर और टोलकर्मियों के बीच विवाद के बाद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। घटना सोमवार की बताई जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक कमर्शियल ट्रेलर (संख्या NL04AA1699) जमशेदपुर से मध्यप्रदेश जा रहा था। टोल प्लाजा से गुजरने के दौरान कथित तौर पर अतिरिक्त शुल्क को लेकर विवाद शुरू हुआ। इसी दौरान टोल बूथ का शीशा टूटने की घटना भी सामने आई, जिसके बाद टोलकर्मियों ने ट्रेलर को रोक लिया।

बुंडू टोल प्लाजा पर ‘गुप्त वसूली’ का आरोप, ट्रेलर रोके जाने से ट्रांसपोर्टर परेशान

ट्रांसपोर्टर हरमिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि टोल कर्मियों द्वारा ट्रेलर चालक से पैसे और दस्तावेज लेकर वाहन को रोके रखा गया। उन्होंने बताया कि मामले की सूचना 112 पर दी गई, लेकिन मौके पर पहुंची पेट्रोलिंग टीम भी विवाद का तत्काल समाधान नहीं कर सकी।

ट्रांसपोर्टर के अनुसार, पहले बूथ के शीशे के नुकसान के नाम पर 20 हजार रुपये की मांग की गई, जो बाद में घटाकर 15 हजार और फिर 11 हजार रुपये कर दी गई। हालांकि, ट्रांसपोर्टर 5 हजार रुपये देने को तैयार थे, लेकिन उस पर सहमति नहीं बन सकी।

हरमिंदर सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि ओवरसाइज माल लदे वाहनों को टोल प्लाजा से साइड से पार कराने के नाम पर बिना रसीद 1000 से 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जाती है। उन्होंने दावा किया कि यह प्रथा लंबे समय से कई टोल प्लाजा पर चल रही है और ट्रांसपोर्टरों की मजबूरी का फायदा उठाया जाता है।

बताया गया कि ट्रेलर को अगले दिन दोपहर करीब 12 बजे इस शर्त पर छोड़ा गया कि टूटे हुए शीशे के मरम्मत खर्च को ट्रांसपोर्टर और टोल कंपनी बराबर-बराबर वहन करेंगे। साथ ही, वाहन के दस्तावेज टोल प्लाजा पर ही जमा रखने की बात कही गई।

इस घटना के बाद टोल प्लाजा की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, संबंधित टोल प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Loading

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

NewsAppraisal.in एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो झारखंड सहित देश-प्रदेश की ताज़ा, सटीक और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports