Reported by Anuj Tiwari,
मेदिनीनगर (पलामू):
झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं—मईयाँ सम्मान योजना और वृद्धा पेंशन—जमीन पर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही हैं। एक ओर सरकार महिलाओं और बुजुर्गों को आर्थिक सहायता देने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर सत्यापन (Verification) और ऑनलाइन एंट्री के नाम पर गरीबों से अवैध वसूली के आरोप सामने आ रहे हैं।
मंईयां सम्मान योजना: “फ्री” आवेदन पर भी वसूली
रिपोर्ट के अनुसार, पलामू जिले के मेदिनीनगर प्रखंड अंतर्गत झाबर पंचायत में आंगनबाड़ी केंद्रों पर निःशुल्क आवेदन प्रक्रिया के बावजूद ₹100 से ₹500 तक की मांग की जा रही है।
आरोप है कि कुछ आंगनबाड़ी सेविकाएं और बिचौलिये मिलकर गरीब लाभुकों से पैसे वसूल रहे हैं, जबकि सरकारी नियमों के अनुसार आवेदन पूरी तरह निःशुल्क है।
वृद्धा पेंशन: सत्यापन के नाम पर शोषण
वृद्धा पेंशन योजना में भी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं।
- मृतकों के नाम पर पेंशन: कई जगहों पर मृत व्यक्तियों के नाम पर वर्षों से पेंशन निकासी की बात सामने आई है।
- सत्यापन का डर दिखाकर वसूली: बुजुर्गों को पेंशन बंद करने की धमकी देकर “कागजात ठीक कराने” के नाम पर पैसे लिए जा रहे हैं।
जनप्रतिनिधि का कड़ा रुख
संबंधित पंचायत के मुखिया पति राधिका रमन ने इस मामले पर सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा:
“सरकारी निर्देश स्पष्ट हैं कि इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसी भी नागरिक को एक रुपया भी देने की जरूरत नहीं है। यदि कोई पैसे मांगता है, तो वह सीधा अपराध है।”
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस तरह की अवैध वसूली पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि योजनाओं का लाभ सही लाभुकों तक बिना किसी बाधा के पहुंच सके।