पाकुड़ संवाददाता।
पाकुड़िया: प्रखंड में शनिवार को उपायुक्त श्रीमती मेघा भारद्वाज ने प्रखंड कार्यालय का औचक निरीक्षण कर विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं कार्यों की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने मनरेगा, अबुआ आवास, पंचायत विकास, राजस्व कार्यों एवं अन्य प्रखंड स्तरीय योजनाओं की प्रगति का विस्तार से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने प्रखंड कार्यालय भवन की स्थिति पर भी ध्यान दिया और उसके रंग-रोगन एवं मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार कर विभाग को भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यालय परिसर स्वच्छ, व्यवस्थित और आम नागरिकों के लिए सहज रूप से सुलभ होना चाहिए, ताकि लोगों को बेहतर माहौल में सेवाएं मिल सकें।
अबुआ आवास योजना की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। जिन आवासों की छत ढलाई पूरी हो चुकी है, उन्हें शीघ्र पूर्ण कर लाभुकों को हस्तांतरित करने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं का लाभ सीधे और समय पर लाभुकों तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
जेएसएलपीएस के अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा के दौरान बीपीएम से विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। वहीं मनरेगा योजनाओं की समीक्षा के दौरान बिरसा हरित ग्राम योजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया। जानकारी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्धारित 250.5 एकड़ भूमि पर पौधारोपण का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है, जिसमें आम, कटहल, सागवान, गम्भार एवं अमरूद के पौधे लगाए गए हैं।
उपायुक्त ने प्रखंड परिसर एवं ऐसे विद्यालय जहां हरियाली या छायादार वृक्षों की कमी है, वहां लिनियर प्लांटेशन कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बच्चों और आमजन को बेहतर वातावरण मिलेगा। साथ ही उन्होंने साफ-सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने पर भी बल दिया।
राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने ऑनलाइन सुधार, म्यूटेशन एवं लंबित मामलों की जानकारी ली। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि एक भी म्यूटेशन लंबित नहीं है, जिस पर उपायुक्त ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने सभी कर्मियों को पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों के तहत कार्य करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा उपायुक्त ने प्रखंड क्षेत्र में अनुपयोगी एवं जर्जर भवनों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि आवश्यकतानुसार उनके स्थान पर भविष्य में मल्टीपरपज हॉल का निर्माण कराया जा सके।
अंत में उपायुक्त ने कहा कि किसी भी योजना की सफलता केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर उसके प्रभावी क्रियान्वयन से तय होती है। सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि योजनाएं गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरी हों।
निरीक्षण के दौरान विशेष कार्य पदाधिकारी त्रिभुवन कुमार सिंह, प्रखंड विकास पदाधिकारी सोमनाथ बनर्जी, एसएमपीओ पवन कुमार, बीपीओ जगदीश पंडित, सहायक अभियंता रोहित गुप्ता, कनीय अभियंता लालू रविदास सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।