पाकुड़ संवाददाता
पाकुड़: जिले में कोयला परिवहन को लेकर चल रहा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। परिवहनकर्ताओं, कंपनी प्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच हुई त्रिपक्षीय वार्ता बेनतीजा रही, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है।
वार्ता विफल, नहीं निकला समाधान
भाड़ा दर में बढ़ोतरी की मांग को लेकर परिवहनकर्ता लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। हाल ही में आयोजित बैठक में भी कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी, जिससे परिवहनकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई है।
भाड़ा नहीं बढ़ने से आर्थिक दबाव
परिवहनकर्ताओं का कहना है कि मौजूदा दरों पर काम करना घाटे का सौदा साबित हो रहा है। डीजल, वाहन रखरखाव और अन्य खर्चों में लगातार वृद्धि के बावजूद भाड़ा नहीं बढ़ाया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
चक्का जाम जारी, सप्लाई पर असर
आंदोलन के तहत चक्का जाम जारी है, जिसके कारण कोयला आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इसका असर उद्योगों और अन्य संबंधित क्षेत्रों पर भी पड़ने लगा है।
आगे की रणनीति पर मंथन
परिवहनकर्ता अब आगे की रणनीति बनाने में जुटे हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।