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उपायुक्त के निर्देश पर डीटीओ ने सुदूरवर्ती रायडीह बाजार...

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उपायुक्त के निर्देश पर डीटीओ ने सुदूरवर्ती रायडीह बाजार में लगवाई’सड़क सुरक्षा चौपाल’, थाना प्रभारी ने बांटे हेलमेट,1000 से अधिक लोगों ने लिया सुरक्षा का संकल्प।

रायडीह/गुमला | 12 जनवरी 2026 सड़क पर सुरक्षा केवल शहरों के लिए नहीं, बल्कि गाँव की पगडंडियों और प्रखंड की सड़कों के लिए भी उतनी ही जरूरी है। इसी उद्देश्य के साथ, उपायुक्त श्रीमती प्रेरणा दीक्षित के मार्गदर्शन में जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) श्री ज्ञान शंकर जायसवाल ने अभियान को जमीनी स्तर पर उतारते हुए…

उपायुक्त के निर्देश पर डीटीओ ने सुदूरवर्ती रायडीह बाजार में लगवाई'सड़क सुरक्षा चौपाल', थाना प्रभारी ने बांटे हेलमेट,1000 से अधिक लोगों ने लिया सुरक्षा का संकल्प।
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उपायुक्त के निर्देश पर डीटीओ ने सुदूरवर्ती रायडीह बाजार में लगवाई'सड़क सुरक्षा चौपाल', थाना प्रभारी ने बांटे हेलमेट,1000 से अधिक लोगों ने लिया सुरक्षा का संकल्प।

रायडीह/गुमला | 12 जनवरी 2026

सड़क पर सुरक्षा केवल शहरों के लिए नहीं, बल्कि गाँव की पगडंडियों और प्रखंड की सड़कों के लिए भी उतनी ही जरूरी है। इसी उद्देश्य के साथ, उपायुक्त श्रीमती प्रेरणा दीक्षित के मार्गदर्शन में जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) श्री ज्ञान शंकर जायसवाल ने अभियान को जमीनी स्तर पर उतारते हुए रायडीह बाजार में ‘सड़क सुरक्षा चौपाल’ लगवाई। सोमवार को आयोजित इस चौपाल में लगभग 1000 से अधिक ग्रामीणों ने सुरक्षित सफर का संकल्प लिया और यातायात नियमों को अपने जीवन में उतारने की शपथ ली।

रायडीह बाजार में खरीदारों और व्यापारियों की भारी भीड़ के बीच सड़क सुरक्षा टीम ने एक विशेष पाठशाला सजाई। इस चौपाल की सबसे खास बात यह रही कि यहाँ केवल भाषण नहीं हुए, बल्कि प्रशासन का एक अत्यंत मानवीय चेहरा देखने को मिला। रायडीह थाना प्रभारी ने स्वयं आगे बढ़कर जरूरतमंदों को निशुल्क हेलमेट वितरित किए। जहाँ आमतौर पर पुलिस का नाम सुनकर लोग कतराते हैं, वहाँ थाना प्रभारी को अपने हाथों से ग्रामीणों को सुरक्षा कवच पहनाते देख आम जनता का नजरिया बदल गया। पुलिस और परिवहन विभाग का यह नरम और सहयोगात्मक रुख दंड से अधिक सुरक्षा की भावना पर केंद्रित था।

कार्यक्रम के दौरान माहौल उस वक्त और भी संजीदा हो गया, जब स्थानीय समाजसेवी जितेश मिंज ने मंच से अपनी आपबीती साझा की। उन्होंने एक ‘नेक नागरिक’ (Good Samaritan) बनकर किसी की जान बचाने के अपने व्यक्तिगत अनुभव को लोगों के सामने रखा। उन्होंने पूरी मजबूती से कहा कि मदद करने वालों को पुलिस कभी परेशान नहीं करती, बल्कि प्रशासन अब उन्हें ‘राह-वीर’ कहकर सम्मानित करता है। जितेश मिंज ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि किसी की जान बचाकर जो आत्मसुख मिलता है, वह किसी भी इनाम से बड़ा है। उन्होंने संकल्प लिया कि वे हमेशा जिंदगी बचाने की कोशिश करते रहेंगे। उनकी इन बातों ने वहाँ मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों के मन से पुलिस और कानूनी कार्यवाही के डर की दीवार को ढहा दिया।

ग्रामीणों को उनकी अपनी भाषा और परिवेश में समझाने के लिए रायडीह पंचायत की मुखिया किरण बिलुंग और पंचायत समिति सदस्य हिमांशु कुमार गुप्ता ने भी कमान संभाली। उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा कि घर में परिवार आपका इंतजार कर रहा है, इसलिए हेलमेट पहनना कोई बोझ नहीं बल्कि अपनों के प्रति जिम्मेदारी है। इस दौरान टीम ने तकनीकी सुरक्षा पर भी ध्यान दिया और रात के अंधेरे में दुर्घटनाएं रोकने के लिए मौके पर ही दर्जनों वाहनों में चमकदार रिफ्लेक्टिव टेप लगाए। ग्रामीणों को ‘राह-वीर’ योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि घायल की मदद करने पर सरकार ₹2,000 से ₹25,000 तक का नकद इनाम और सम्मान पत्र प्रदान करती है।

जाँच अभियान के दौरान जो लोग बिना हेलमेट के मिले, उन्हें चालान काटने के बजाय जिंदा रहने की महत्ता’ समझाकर भविष्य में नियम पालन की सीख दी गई।

जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल ने इस मौके पर सख्त संदेश दिया कि सड़क सुरक्षा अभियान का शोर केवल जिला मुख्यालय तक सीमित न रहे। उन्होंने कहा कि हादसे अक्सर प्रखंडों और गाँवों को जोड़ने वाली सड़कों पर अधिक होते हैं, इसलिए हर प्रखंड के अंतिम व्यक्ति और हर दरवाजे तक सुरक्षा के नियमों को पहुँचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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