महुआडांड़ (लातेहार)।
सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन, बाल विवाह मुक्त झारखंड एवं मिशन शक्ति के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मंगलवार को अनुमंडल परिसर, महुआडांड़ में एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी, महुआडांड़ ने की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा मिशन शक्ति के अंतर्गत समग्र एवं समेकित योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। मिशन शक्ति के अंतर्गत दो प्रमुख घटक — संबल एवं सामर्थ्य शामिल हैं।
संबल योजना के अंतर्गत
- वन स्टॉप सेंटर
- महिला हेल्पलाइन (181)
- बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ
- नारी अदालत
सामर्थ्य योजना के अंतर्गत
- शक्तिसदन
- पालना योजना
- सखी निवास (कामकाजी महिला छात्रावास)
- हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
इसके अतिरिक्त सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, राज्य विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना, सामूहिक अंतिम संस्कार योजना, डायन कुप्रथा उन्मूलन एवं निःशक्त कल्याणार्थ योजनाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं पिछड़े वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है।
बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान
कार्यक्रम में बताया गया कि वर्तमान में राज्यभर में बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत लड़कियों के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष एवं लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम उम्र में विवाह करना या करवाना कानूनन अपराध है, जिसमें एक लाख रुपये तक का जुर्माना एवं दो वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
कार्यक्रम के दौरान विभागीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु पंपलेट, स्टिकर एवं पुस्तिकाओं का वितरण किया गया। साथ ही उपस्थित जनसमूह को डायन कुप्रथा उन्मूलन एवं बाल विवाह मुक्त झारखंड के लिए शपथ भी दिलाई गई।
कार्यक्रम में रहे उपस्थित
इस अवसर पर पुलिस उपाधीक्षक, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, महिला थाना प्रभारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय प्रतिनिधि विक्रम, यूनिसेफ से अरुंधति, महिला मंडल की सदस्य, आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका, स्वास्थ्य सहिया एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।