कोटालपोखर।
पतना अंचल क्षेत्र के मौजा मयुरझुटी स्थित वनभूमि पर वन विभाग द्वारा इकोटूरिज्म पार्क निर्माण को रोकने के लिए सोलह आना रैयतों ने ग्राम प्रधान बेरोनिका मरांडी के नेतृत्व में चुड़का गाढ़ दिया। चुड़का गाढ़ने के पूर्व सोलह आना रैयतों ने गांव में ग्रामसभा कर पार्क व चाहरदीवारी निर्माण को रोकने का निर्णय लिया।
वहीं सभी ने कार्य रोकने के लिए सीओ कुमार देवेश द्विवेदी को एक आवेदन भी सौंपा है। मौजा के सोलह आना रैयतों ने सीओ को दिए आवेदन में बताया है कि मौजा मयुरझुटी खाता संख्या 41, दाग नं 17 कुल रकवा 52 बीधा 18 कट्ठा 15 धूर जमीन पर सोलह आना रैयतों को भारत सरकार जनजाति कार्य मंत्रालय द्वारा सामुदायिक वन पट्टा देकर जंगल की देखभाल प्रबंधन एवं वनोपज कर जीविकोपार्जन का अधिकार मिला है।
ग्रामीणों ने ये भी बताया कि दो तीन वर्षों में वन विभाग पतना द्वारा उस जमीन पर इकोटूरिज्म पार्क निर्माण किया जा रहा है व घेराबंदी किया गया है। जिसकी सहमति ग्राम सभा द्वारा नहीं ली गई है। वनभूमि क्षेत्र दामिन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। वन विभाग द्वारा इस निर्माण कार्य से हमें मिले वन अधिकार का हनन हो रहा है।
गैंजर सेटेलमेंट के समय से ही रैयतों के दखल भोग एवं संरक्षण में रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वनभूमि पर गरीब आदिवासियों आश्रित है। इसमें रैयतों द्वारा 25 महुआ व दो सखुआ का पेड़ व अन्य प्रकार का पेड़ लगाया गया है। ग्रामीणों ने वनभूमि धार्मिक सांस्कृतिक महत्व भी बताया है।
मामले को लेकर सीओ श्री द्विवेदी ने बताया कि ग्रामीणों व वन विभाग द्वारा भी लिखित आवेदन दिया गया, जल्द ही जाँच किया जाएगा।
मौके पर वन अधिकार समिति के अध्यक्ष मनोज टुडू, निकुलस टुडू, रफाएल मुर्मू, अगेश मुर्मू, सुशील मुर्मू, दाउद मुर्मू, बड़का टुडू, फिलीप हांसदा, भगत हांसदा,बड़ा राम टुडू, मुंशी हांसदा, सुरूज टुडू सहित अन्य रैयत भी मौजूद थे।