जमशेदपुर :- पूर्वी सिंहभूम सीट से तीसरी पर भाजपा के उम्मीदवार बिधुत वरण महतो को कोई करिश्मा ही हरा सकता है ! जी , हां चौंकिए मत। यह हम नहीं आमजनों की जुवां बोल रही है। समय – समय पर उम्मीदवारों के घोषणा से लेकर मतदान तक परिस्थियां बदलती रही। जितने लोग उतने तर्क। पूर्वी सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत छह विधानसभा क्षेत्रों में एक पर भी भाजपा की जीत नहीं हुई थी। यहां चार सीट जुगसलाई , पोटका , घाटशिला और बहरागोड़ा पर जेएमएम तथा जमशेदपुर पश्चिम पर कांग्रेस एवं जमशेदपुर पूर्व पर भाजमो का कब्जा है। फलस्वरूप यह तर्क दिया जा रहा था कि एक भी विधान सभा सीट पर भाजपा का विधायक नहीं है फिर तो जीत मुश्किल है ?
वहीं बहरागोड़ा से विधायक समीर मोहंती को इंडिया गठबंधन का संयुक्त उम्मीदवार घोषित किए जाने से सभी जीत की आस लगाए बैठे हैं। इतना ही नहीं समीर मोहंती के उड़िया भाषी होने के कारण यह भी विश्वास रहा कि उड़िया भाषी लोगों का वोट समीर मोहंती को ही मिलेगा।उधर भाजपा का अपना ही तर्क रहा। इस लोक सभा चुनाव में आजसू गठबंधन और नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव को केंद्रित कर तर्क दिया गया। इतना ही नहीं अयोध्या में श्री राम मंदिर के निर्माण, धारा 370 और बिधुत वरण महतो के व्यक्तित्व को वोट का आधार माना गया। नतीजतन भाजपा का दावा सच साबित होता दिख रहा है। ऐसे में लोग बोल रहे हैं कोई करिश्मा ही हरा सकता है बिधुत दा को। बहरहाल रिजल्ट आज आने के बाद पिक्चर पूरा साफ हो जाएगा।
मंत्री बनने की संभावना से भी इंकार नहीं
बिधुत वरण महतो लोकसभा चुनाव में यदि अच्छा खासा मार्जिन से जीत हासिल करते हैं तो केंद्रीय नेतृत्व उन्हे इनाम के तौर पर केंद्र में मंत्री भी बना सकता है। इसकी भी प्रबल संभावना नजर आ रही है। वहीं आने वाले दिनों में झारखंड में विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया जा सकता है।