बसंत कुमार गुप्ता व्यूरो प्रमुख गुमला।
गुमला:- जिले के सरकारी विद्यालयों के 10वी एवं 12वी बोर्ड की परीक्षा में शत प्रतिशत बच्चे परीक्षा में बेहतरीन मार्क्स से उत्तीर्ण हो सके इस उद्देश्य से उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के पहल से जिले में विगत कुछ महीनों से “सिकछा कर भेंट” गतिविधि का प्रारंभ किया गया है। उपायुक्त के निर्देशानुसार सभी उच्च विद्यालयों से टैग हुए अधिकारी नियमित रूप से अपने निर्धारित कार्यों से कुछ समय निकाल कर विद्यालय भ्रमण करने का कार्य लगातार कर रहें हैं। परिणाम स्वरूप विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति पूर्व के मुकाबले अब बढ़ती नजर आ रही है, वहीं विद्यार्थियों में शिक्षा को लेकर एक गंभीरता भी देखने को मिल रहीं हैं। विद्यालयों में बोर्ड परीक्षा को देखते हुए नियमित रूप से शिक्षकों के द्वारा प्रैक्टिस / मॉडल क्वेश्चन आंसर डिस्कस किए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्यालयों में अब समय से पूर्व सिलेबस भी कंप्लीट किए जा रहे हैं, जिसके कारण अब बच्चों को रिवीजन एवं प्रैक्टिस के लिए अधिक समय मिल रहा है।
उपायुक्त के निर्देशानुसार उच्च विद्यालयों में 10वी एवं 12वीं के बच्चों के लिए एक्स्ट्रा एक्टिविटीज को सस्पेंड करने का निर्देश दिया गया है, बोर्ड की परीक्षा के पूर्व के इस महत्वपूर्ण समय पर बच्चे केवल पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें इस उद्देश्य से यह निर्णय उपायुक्त के द्वारा लिया गया है। इसके साथ ही उपायुक्त के निर्देश के आलोक में विद्यालयों के पढ़ाई में कमजोर बच्चों को एक्स्ट्रा क्लास के माध्यम से बच्चों को पढ़ाई के मुख्य धारा में वापस लाने का प्रयास किया जा रहा है। शिक्षा विभाग की ओर से साप्ताहिक, मासिक एवं हाफ इयरली परीक्षा का आयोजन करते हुए बच्चों को परीक्षा के लिए तैयार किया जा रहा है। शिक्षा विभाग द्वारा बताया गया कि इस गतिविधि के कारण बच्चों के नियमित टेस्ट में बच्चों द्वारा अच्छा प्रदर्शन किया जा रहा है, एवं अच्छे रिजल्ट भी देखने को मिल रहे हैं, जिससे यह संभावना भी बनती नजर आ रही है कि नियमित रूप से विद्यालय आने वाले बच्चे बोर्ड की परीक्षा में अवश्य अच्छे मार्क्स से पास होंगे।
बताते चले की जिले के कुल 112 उच्च विद्यालयों के लिए 80 से अधिक अधिकारियों को टैग किया गया है। जिनके द्वारा नियमित विद्यालय भ्रमण के क्रम में विद्यालयों के शैक्षणिक स्तरों को मॉनिटर किया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा भी बच्चों का क्लास लिया जा रहा है,एवं बच्चों को मोटिवेट एवं पढ़ाई की शैली को कैसे विकसित करें इस पर समझाने का कार्य किया जा रहा है।उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी का लक्ष्य है कि अगले वर्ष होने वाले बोर्ड की परीक्षा में सरकारी विद्यालयों के शत प्रतिशत बच्चे सफल हो सके। जिसके लिए उनके द्वारा शिक्षा के स्तर को बेहतर करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है एवं उपायुक्त द्वारा अधिकारियों के साथ नियमित बैठक एवं समीक्षा भी की जा रही है।