राँची। जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन में एक नया मोड़ आ गया है। आंदोलन की अगुवाई कर रहे 14वीं जेपीएससी के अभ्यर्थी रामअवतार महतो ने राँची के कोतवाली थाने में आवेदन देकर ‘एग्जाम फाइटर’ के डायरेक्टर कुणाल प्रताप सिंह और उनके सहयोगियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
रामगढ़ निवासी शिकायतकर्ता रामअवतार महतो ने पुलिस को दी गई अर्जी में बताया कि जेपीएससी और जेएसएससी में भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान के तहत “जेपीएससी और जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच” के बैनर तले मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू किया गया था। बाद में प्रशासनिक निर्देश एवं डुरंड कप के आयोजन को देखते हुए 28 जुलाई 2026 को आंदोलन को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थानांतरित कर दिया गया।
आवेदन के अनुसार, 29 जुलाई को शांतिपूर्ण तरीके से ‘संविधान मार्च’ निकाला गया, जिसमें राज्यभर से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। मार्च की समाप्ति के बाद आरोप है कि कुणाल प्रताप सिंह अपने सहयोगियों—राजेश प्रसाद, रवीन्द्र पासवान, विनय मेहता व अन्य अज्ञात लोगों के साथ नशे की हालत में स्टेडियम पहुंचे और सत्याग्रहियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की। साथ ही आंदोलन बंद करने और वहां से हट जाने की धमकी देते हुए जान से मारने की चेतावनी भी दी गई।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित लोगों ने अभ्यर्थियों की सहमति के बिना एक कथित समिति बनाकर क्यूआर कोड जारी किया और चंदे के नाम पर अवैध धन उगाही का प्रयास किया। जब आंदोलन की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इसका विरोध किया गया, तो रामअवतार महतो को घेरकर दोबारा धमकी दी गई। आवेदन में यह भी उल्लेख है कि इन व्यक्तियों पर पूर्व में भी क्यूआर कोड के जरिए पैसे वसूलने, आंदोलन को कमजोर करने और तथाकथित ‘सेटर गैंग’ से साठगांठ के आरोप लगते रहे हैं।
अभ्यर्थी ने कोतवाली थाना प्रभारी से मांग की है कि भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत नामजद आरोपियों एवं अज्ञात सहयोगियों के खिलाफ आपराधिक धमकी, गाली-गलौज, शांति भंग करने और आंदोलन में बाधा डालने जैसे संज्ञेय अपराधों में प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, आंदोलन में शामिल छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सत्याग्रह को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए स्टेडियम परिसर में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की मांग भी की गई है।