संवाददाता – अनुज तिवारी,
मेदिनीनगर:-नगर निगम की योजनाओं और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर एक बार फिर उजागर हुआ है। वार्ड संख्या 19 और 20 के निवासी इन दिनों बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। जहां एक ओर नगर निगम पूरे शहर में स्वच्छता अभियान के तहत डस्टबिन वितरण का दावा कर रहा है, वहीं इन वार्डों के अधिकांश लोग अब भी इस सुविधा से वंचित हैं।
डस्टबिन वितरण में भेदभाव के आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि डस्टबिन वितरण में भारी अनियमितता बरती गई है। पूरे वार्ड में गिने-चुने रसूखदार और प्रभावशाली परिवारों तक ही डस्टबिन पहुंचाया गया, जबकि आम जनता को नजरअंदाज कर दिया गया। लोगों का कहना है कि जब सभी नागरिक समान रूप से टैक्स देते हैं, तो सुविधाओं में यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है।
आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक
डस्टबिन की कमी के कारण कचरा प्रबंधन पूरी तरह चरमरा गया है, जिसका सीधा असर इलाके में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या के रूप में दिख रहा है। सड़कों और गलियों में कुत्तों के झुंड घूमते रहते हैं, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। आए दिन लोगों को दौड़ाने और काटने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम प्रशासन ने इस गंभीर समस्या पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
जनता की चेतावनी
नागरिकों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही वार्ड 19 और 20 में निष्पक्ष रूप से डस्टबिन का वितरण नहीं किया गया और आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे नगर निगम कार्यालय का घेराव करने के लिए बाध्य होंगे।