लातेहार: जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं उनके परिवारजनों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की जा रही है। इसी क्रम में मनिका थाना परिसर में पुलिस अधीक्षक, लातेहार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।
बैठक में आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं उनके परिवारों को मिलने वाले लाभों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें देय राशि, जमीन आवंटन, बच्चों की शिक्षा, रोजगार के अवसर, कानूनी सहायता (वकील का खर्च), स्वास्थ्य सुविधाएं, आयुष्मान कार्ड एवं बीमा सुरक्षा जैसे विषय प्रमुख रूप से शामिल रहे।
यह पहल नई दिशा आत्मसमर्पण नीति के तहत की जा रही है, जिसका उद्देश्य केवल औपचारिक प्रक्रिया पूरी करना नहीं, बल्कि आत्मसमर्पित नक्सलियों और उनके परिवारों की हर छोटी-बड़ी समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।
पुलिस एवं जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि हिंसा छोड़ मुख्यधारा में लौटने वाले व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करना उनकी प्राथमिकता है।
ज्ञात हो कि वर्ष 2025 से अब तक इस नीति के तहत मनिका थाना क्षेत्र में 9 तथा पूरे लातेहार जिले में कुल 51 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जो राज्य में सर्वाधिक है।
बैठक में जिला प्रशासन की ओर से मनिका प्रखंड विकास पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।