पाकुड़ संवाददाता।
समाहरणालय, पाकुड़ में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आंगनबाड़ी सेविका–सहायिका के रिक्त पदों, पोषण ट्रैकर में 100% प्रविष्टि, आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना सहित विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
लंबित प्रस्तावों को अविलंब निष्पादित करने का निर्देश
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि आंगनबाड़ी सेविका–सहायिका के सभी लंबित प्रस्तावों को आज ही निपटाकर उनके समक्ष प्रस्तुत किया जाए, ताकि जल्द से जल्द नियुक्ति पत्रों का वितरण सुनिश्चित हो सके।
लक्ष्य-प्राप्ति और सेवा गुणवत्ता पर विशेष जोर
बैठक में लक्ष्य-प्राप्ति, सेवा गुणवत्ता, फील्ड मॉनिटरिंग तथा तकनीकी अद्यतन की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध रूप से किया जाना चाहिए, ताकि लाभुकों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले।पोषण ट्रैकर में 100% एवं त्रुटिरहित प्रविष्टि अनिवार्य
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि पोषण ट्रैकर में शत-प्रतिशत और त्रुटिरहित डेटा प्रविष्टि हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
एफआरएस में धीमी प्रगति पाए जाने पर विशेष रूप से पाकुड़, अमड़ापाड़ा और हिरणपुर में कार्य गति बढ़ाने के आदेश दिए। साथ ही कुपोषित एवं कमजोर बच्चों की पहचान कर उन्हें तुरंत MTC में भर्ती कराने पर बल दिया गया।
आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन पर सख्ती
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्र नियमित रूप से संचालित हों और किसी भी स्थिति में केंद्र बंद न रहें। उन्होंने कहा कि लाभुकों को निर्धारित सेवाएँ समय पर और निर्बाध मिले, यह सुनिश्चित किया जाए।
उत्तरदायित्व, पारदर्शिता और समन्वय पर जोर
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण जिम्मेदारी, पारदर्शिता और बेहतर समन्वय के साथ करें, ताकि समाज कल्याण विभाग की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुँच सके।