दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग,
मनिका से संतोष प्रसाद की रिपोर्ट,
मनिका (लातेहार)
मनरेगा कार्यों में कथित तौर पर करोड़ों रुपये की रॉयल्टी टैक्स हेराफेरी का मामला सुर्खियों में है। इस गंभीर आरोप ने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सरकारी राजस्व की पारदर्शिता पर भी बड़ी चिंता उत्पन्न कर दी है।
भाजपा मंडल अध्यक्ष मनदीप कुमार ने पलामू प्रमंडल के आयुक्त कुमुद सहाय को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
10 मार्च को दिए गए आवेदन में उन्होंने मनरेगा योजनाओं के तहत संचालित विभिन्न कार्यों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया है।
कथित रॉयल्टी टैक्स गड़बड़ी से करोड़ों का नुकसान
आवेदन में कहा गया है कि मनरेगा कार्यों में रॉयल्टी टैक्स के नाम पर करोड़ों रुपये की अनियमित वसूली की गई है, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा है।
इस आरोप ने ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
ब्लैकलिस्टेड वेंडरों को भुगतान का भी आरोप
ज्ञापन में यह भी गंभीर आरोप लगाया गया है कि ब्लैकलिस्टेड वेंडरों को नए फॉर्म बनाकर भुगतान किया जा रहा है, जो प्रशासनिक नियमों के विपरीत है।
यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह विभागीय प्रक्रियाओं में बड़ी खामी और संभावित मिलीभगत की ओर संकेत करता है।
अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग
मनदीप कुमार ने संदेह जताया है कि इस पूरे मामले में कुछ अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध हो सकती है।
उन्होंने प्रार्थना पत्र में कहा है कि संबंधित अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच की जाए, ताकि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
भविष्य में गड़बड़ी रोकने को सुझाव
उन्होंने सुझाव दिया है कि मनरेगा के अंतर्गत लाभुकों के खातों में भुगतान करते समय रॉयल्टी टैक्स की अनिवार्य कटौती सुनिश्चित की जाए। इससे भविष्य में अनियमितताओं पर रोक लगेगी तथा सरकारी राजस्व की सुरक्षा भी बनी रहेगी।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल पूरा मामला आवेदन में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। अब यह देखना महत्वपूर्ण है कि प्रशासन इस गंभीर विषय पर क्या रुख अपनाता है और जांच में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं।