रिपोर्टिंग – प्रेम कुमार साहू,
घाघरा (गुमला):-घाघरा थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग गांवों में जंगली भालू के हमले से दो लोग घायल हो गए। लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद ग्रामीणों में डर और दहशत का माहौल बन गया है।
पहली घटना देवाकी कुसुम टोली गांव की है, जहां कुसुम टोली निवासी विष्णु उरांव जंगली भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल अवस्था में परिजनों और ग्रामीणों ने 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाघरा पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उनका इलाज किया।
घायल विष्णु उरांव ने बताया कि वह सुबह करीब 5:30 बजे घर से उठकर खेत की ओर जा रहे थे। इसी दौरान अचानक एक जंगली भालू ने उन पर हमला कर दिया। हमले के दौरान दोनों के बीच संघर्ष हुआ। किसी तरह भालू के गिरने के बाद वह मौके से भागने में सफल रहे, जिससे उनकी जान बच पाई। ग्रामीणों के शोर मचाने पर भालू वहां से जंगल की ओर भाग गया।
इसी बीच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाघरा के एक गार्ड ने बताया कि सुबह करीब 4:30 बजे वही भालू घाघरा-पुटो रोड की ओर से अस्पताल परिसर में भी देखा गया था। भालू को देखते ही वह छिप गया और आवाज करने पर भालू वहां से भाग गया। लोगों का अनुमान है कि वही भालू बाद में कुसुम टोली गांव की ओर चला गया और हमला किया।
वहीं दूसरी घटना लफसर गांव में हुई, जहां जितेंद्र चिक बड़ाइक को भी जंगली भालू ने हमला कर घायल कर दिया। परिजनों ने उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाघरा पहुंचाया, जहां उनका इलाज किया गया।
जितेंद्र चिक बड़ाइक ने बताया कि सुबह करीब 7 बजे वह अपने घर के बाहर दरवाजे के पास खड़े थे। तभी अचानक जंगली भालू ने उन पर हमला कर दिया। किसी तरह वह भागकर घर के अंदर घुस गए और दरवाजा बंद कर लिया, जिससे भालू अंदर नहीं आ सका और वहां से भाग गया।
ग्रामीणों के अनुसार भालू अभी भी आसपास के गांवों में घूम रहा है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है और लोग घरों से निकलने में भी सावधानी बरत रहे हैं।