जमशेदपुर/टाटानगर।
रेल मंत्रालय द्वारा टाटानगर रेलवे स्टेशन के कायाकल्प की योजना अब धरातल पर उतरने जा रही है। इस योजना के तहत टाटानगर स्टेशन पर पांच नए प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे, जिससे प्लेटफॉर्म की कुल संख्या बढ़कर 10 हो जाएगी। इसके बाद ट्रेनों के संचालन में होने वाली देरी से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
फिलहाल टाटानगर स्टेशन पर केवल पांच प्लेटफॉर्म हैं, जिस कारण ट्रेनों के अधिक दबाव के समय कई ट्रेनों को आदित्यपुर या गम्हरिया में रोका जाता है। वहां से ट्रेनों को लेट रवाना किया जाता है ताकि टाटानगर स्टेशन पर प्लेटफॉर्म खाली हो सके। नए प्लेटफॉर्म बनने के बाद यह समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
284 करोड़ से बनेगी मल्टीस्टोरी बिल्डिंग
रेल मंत्रालय की योजना के तहत सेकेंड इंट्री गेट के पास करीब 284 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक बहुमंजिला भवन का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही टाटानगर स्टेशन को देश के प्रमुख आधुनिक रेलवे स्टेशनों की श्रेणी में शामिल किया जाएगा।
550 करोड़ की लागत से स्टेशन का होगा समग्र विकास
टाटानगर स्टेशन के समग्र विकास पर लगभग 550 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह परियोजना देशभर के 48 प्रमुख रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसमें झारखंड से टाटानगर और रांची को शामिल किया गया है।
रेल मंत्रालय की बड़ी योजना
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की स्वीकृति के बाद इस महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी सार्वजनिक की गई है। मंत्रालय का कहना है कि वर्ष 2030 तक बढ़ते यात्री भार को देखते हुए रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना बेहद जरूरी है।
योजना के अंतर्गत—
- अतिरिक्त प्लेटफॉर्म
- स्टेबलिंग लाइन
- पिट लाइन
- शंटिंग सुविधाएं
- आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम
- मल्टी-ट्रैकिंग व्यवस्था
- मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स
जैसी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
आसपास के स्टेशनों का भी होगा विकास
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि टर्मिनल स्टेशनों के साथ-साथ आसपास के स्टेशनों को भी विकसित किया जाएगा ताकि परिचालन संतुलन बना रहे। टाटानगर के साथ-साथ आदित्यपुर, गम्हरिया, आसनबनी समेत अन्य नजदीकी स्टेशनों की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी।
देशभर के 48 प्रमुख स्टेशन योजना में शामिल
इस मेगा प्रोजेक्ट में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु, पटना, लखनऊ, वाराणसी, पुणे, गोरखपुर, अयोध्या, जम्मू, जयपुर, कोचीन, पुरी, भुवनेश्वर, विशाखापट्टनम, तिरुपति, हरिद्वार, भागलपुर, दरभंगा, गया, कोयंबटूर सहित टाटानगर और रांची को शामिल किया गया है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे लगातार अपनी क्षमता बढ़ा रहा है। इससे न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि देशभर में रेल संपर्क भी और अधिक सुदृढ़ होगा।