लातेहार। प्रतिनिधि।
सरस्वती विद्या मंदिर, लातेहार में सोमवार को बाल संसद चुनाव बड़े ही उत्साह और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत सम्पन्न हुआ। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में भैया-बहनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मतदान कर अपने प्रतिनिधियों का चयन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य उत्तम कुमार मुखर्जी, वरिष्ठ आचार्य ओंकारनाथ सहाय, किशोर भारती प्रमुख कपिल देव प्रमाणिक और बाल भारती प्रमुख धर्म प्रकाश प्रसाद ने संयुक्त रूप से भारत माता, ओम और मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। मौके पर मौजूद अतिथियों ने बाल संसद के महत्व और इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
वरिष्ठ आचार्य ओंकारनाथ सहाय ने बताया कि विद्या भारती की योजना के तहत प्रत्येक सत्र में बाल संसद का गठन किया जाता है। इससे विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक भावना, नेतृत्व क्षमता, प्रतिस्पर्धा की भावना और सामाजिक दायित्व का बोध होता है।
चार स्तर पर हुआ चुनाव, 17 विभागों में बांटा गया कार्य
विद्यालय में चार वर्गों—शिशु भारती (कक्षा 3–5), बाल भारती (कक्षा 6–8), किशोर भारती (कक्षा 9–10) और कन्या भारती—के अंतर्गत लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया के जरिए 12 परिषद और 17 विभागों के लिए मंत्रिमंडल का गठन किया गया।
किशोर भारती वर्ग में कुल 40 उम्मीदवारों में से मतदान के जरिए 10 सांसद चुने गए। इनमें आदर्श कुमार, हरेंद्र कुमार, प्रतीक कुमार, अमन कुमार, प्रिंस कुमार, रिशु, आरव, राज प्रसाद, मनीष कुमार, शुभम अग्रवाल, जय बाला, कृष्ण कुमार, वंशी कुमार, हेमंत, गणेश और नितेश पाठक शामिल हैं। वहीं बाल भारती वर्ग में 45 उम्मीदवारों में से 30 भैया-बहनों को चुना गया, जिनमें श्रेया कुमारी, कृष्णा यादव, सौम्या कुमारी, प्रेरणा कुमारी, यश कुमार, रोहित, वर्षा कुमारी, परिधि कुमारी, राज्य लक्ष्मी, प्रिंस राज व अभिजीत प्रमुख हैं।
370 से अधिक छात्रों ने किया मतदान
किशोर वर्ग के 120 और बाल वर्ग के 250 विद्यार्थियों ने मतदान में हिस्सा लिया। चुनाव पूरी तरह पारदर्शी रहा। मतदान प्रक्रिया में किशोर भारती प्रमुख कपिल देव प्रमाणिक एवं बाल भारती प्रमुख धर्म प्रकाश प्रसाद ने मॉनिटरिंग की और वैलेट पेपर के माध्यम से छात्रों ने अपने पसंदीदा उम्मीदवार को वोट दिया।
9 मई को लेंगे सभी सदस्य शपथ
प्रधानाचार्य उत्तम कुमार मुखर्जी ने कहा कि यह आयोजन विद्यार्थियों के गुणात्मक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह न केवल नेतृत्व कौशल को बढ़ाता है, बल्कि उन्हें अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का भी बोध कराता है।
बाल भारती प्रमुख धर्म प्रकाश प्रसाद ने बताया कि 9 मई को वंदना सभा में नवनिर्वाचित संसद सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी और पूर्व सत्र की संसद को विधिवत रूप से भंग किया जाएगा।