बरहरवा संवाददाता।
शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र पुनः निर्गत करने की मांग को लेकर बरहरवा प्रखंड मुख्यालय परिसर में शेरशाहबादी समुदाय का अनिश्चितकालीन महाधरना लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। खराब मौसम और तेज आंधी-बारिश के बावजूद आंदोलनकारी अपने मांगों को लेकर धरनास्थल पर डटे रहे।
धरना के तीसरे दिन बड़ी संख्या में छात्र और युवा भी शामिल हुए। इस दौरान “शेरशाहबादी प्रमाण पत्र निर्गत करो”, “हमें हमारा हक-अधिकार दो” और “जिला प्रशासन हाय-हाय” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
धरना को संबोधित करते हुए डॉ. हबीब ने कहा कि समुदाय अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहा है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह उदासीन बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से शेरशाहबादी समाज को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है।
वहीं असलम शेख ने कहा कि तीन दिनों से धरना जारी है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कैफुल इस्लाम ने बताया कि जाति प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण समुदाय के छात्र-युवा शिक्षा, नौकरी और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।
धरनाकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र पुनः निर्गत करने को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही समाज के लोगों से एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत बनाने की अपील की गई।
धरना स्थल पर मुखिया मो. इश्तियाक, मो. अजमाईल, तोफाइल शेख, मिस्बाह कमाल, अफताब आलम, मसूद आलम, इंतेखाब आलम, महबूब आलम, कलीमुद्दीन शेख, अब्दुर रहमान, अलताब हुसैन, एजाज अहमद, तोउमीज आलम, हबीबुर रहमान सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।