Ranchi:-नेशनल शूटर तारा शाहदेव प्रताड़ना मामले में अब फैसला आ जाएगा। सीबीआई की विशेष अदालत में इस मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी है।विशेष न्यायाधीश पीके शर्मा की अदालत ने फैसले की तारीख तय कर दी है। दहेज प्रताड़ना और जबरन धर्म परिवर्तन मामले में 30 सितंबर को फैसला आएगा।आरोपी रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल हसन, उसकी मां कौशल रानी एवं झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार (निगरानी) मुश्ताक अहमद की किस्मत का फैसला होगा।झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने 2015 में इस केस को टेक ओवर किया था। इस मामले में जारी बहस पूरी हो चुकी है। सीबीआई की ओर से 25 फरवरी को गवाही पूरी कर ली गई थी।तीनों आरोपियों के खिलाफ तीन जुलाई 2018 को आरोप गठित किया गया था। सीबीआई की ओर से 26 गवाहों को पेश किया गया है।
क्या है तारा शाहदेव मामला
तारा शाहदेव और रंजीत सिंह कोहली की शादी सात जुलाई 2014 को हुई थी। शादी के बाद से ही पति रकीबुल हसन/रंजीत कोहली द्वारा उत्पीड़न और मारपीट की घटनाएं होने लगी थी। धर्म छुपा कर शादी करने, यौन उत्पीड़न, धर्म परिवर्तन के लिए प्रताड़ित करने का मामला प्रकाश में आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। बाद में झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर साल 2015 में सीबीआई ने मामले को टेकओवर किया। फिर जांच शुरू की। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ साल 2018 में चार्जशीट दायर की गयी थी।
तारा शाहदेव प्रताड़ना मामले के एक गवाह सीएम हेमंत सोरेन भी रह चुके हैं। रंजीत कोहली की ओर से सौंपी गई गवाहों की सूची में एक नाम हेमंत सोरेन का भी था। 16 मई 2023 को सीएम हेमंत सोरेन के प्रतिनिधि के रूप में झामुमो जिलाध्यक्ष मुश्ताक आलम उपस्थित हुए। मुश्ताक आलम ने अदालत में कहा कि वह रकीबुल हसन को नहीं पहचानते।