तेनुघाट — तेनुघाट अतिथि भवन में वनाधिकार कानून को लेकर बोकारो जिला ग्राम सभा मंच की एक महत्वपूर्ण बैठक किशुन हेंब्रम की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में झारखंड जंगल बचाओ आंदोलन के प्रभारी राजेश महतो एवं जिला ग्राम सभा मंच के सचिव मोती लाल बेसरा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
बोकारो जिला में वनाधिकार कानून के पूर्ण रूप से लागू नहीं होने से नाराज ग्राम सभा मंच ने सभी 9 प्रखंडों के ग्राम समितियों की आपात बैठक बुलाई। इस दौरान उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सौरव कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने वनाधिकार अधिनियम 2006 से संबंधित कानूनी जानकारी विस्तारपूर्वक लोगों को दी।
बैठक में जिला ग्राम सभा मंच के सलाहकार राजेश कुमार ने संबंधित अधिकारियों पर आदिवासियों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देश के बावजूद जिले में 200 से अधिक व्यक्तिगत और सामुदायिक वन पट्टा के मामले लंबित हैं। पूर्व में कई बार आंदोलन किए जाने के बावजूद प्रशासनिक कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वनाधिकार कानून को जल्द लागू नहीं किया गया, तो ग्राम सभा मंच उच्च न्यायालय के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि केंद्र सरकार द्वारा ग्राम सभाओं के सशक्तिकरण के लिए भेजे जाने वाले फंड का सही उपयोग नहीं हो रहा है।
क्या है मामला?
बैठक में प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान पर भी चर्चा की गई। यह केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना है, जिसे 18 सितंबर 2024 को कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई थी। इसका उद्देश्य आदिवासी बहुल गांवों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार करना है। योजना के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, बिजली, पानी, सड़क और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही जंगलों में रहने वाले आदिवासियों को उनके अधिकार दिलाने पर जोर दिया गया।
बैठक में चास और बेरमो अनुमंडल के अंतर्गत आने वाले नौ प्रखंडों के ग्राम सभा मंच के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से राजेश कुमार हंसदा, सीताराम किस्कू, लाल हंसदा, ईमलेश्वर टुडू, मनसा मांझी, अनिल हेंब्रम, जोधन बासके, महावीर बास्के, गंगा राम मुर्मू, गीता साह, धनेश्वर मुर्मू, बीरेंद्र मरांडी, धनी लाल सिंह, मुक्तेश्वर तुरी, लखीराम मांझी, भगतू सिंह, संतोष सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए।