लातेहार। शनिवार को व्यवहार न्यायालय लातेहार में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार एवं झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का ऑनलाइन उद्घाटन झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सह झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद ने किया। आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषनाथ सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 15,334 वादों का निपटारा किया गया, जिसमें 2 करोड़ 69 लाख 35 हजार 66 रुपये का सेटलमेंट हुआ।
लोक अदालत के लिए कुल 7 बेंचों का गठन किया गया था। इन बेंचों द्वारा विभिन्न प्रकार के मामलों का निष्पादन किया गया, जिनमें पारिवारिक मामलों के 11, मोटर दुर्घटना के 2 मामलों का 16 लाख 50 हजार रुपये में निपटारा, बिजली से जुड़े 68 प्री-लिटिगेशन एवं 37 लंबित वाद, चेक बाउंस के 3 मामलों में 4 लाख 10 हजार रुपये का सेटलमेंट, बैंक से जुड़े 1329 मामले, आपराधिक कंपाउंडेबल के 1404 एवं 3 सिविल मामलों का निष्पादन शामिल है। इसके अतिरिक्त प्री-लिटिगेशन के 11,253 मामलों का भी समाधान किया गया।
सखी मंडल को मिला 46 लाख रुपये का सहयोग
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान जेएसएलपीएस, लातेहार के माध्यम से 46 सखी मंडलों को कुल 46 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषनाथ सिंह ने महिलाओं को राशि का सही उपयोग करने, बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देने और रोजगार के अवसर तलाशने की सलाह दी।
इस अवसर पर उपायुक्त सह डालसा उपाध्यक्ष संदीप कुमार, पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव, प्रधान न्यायाधीश (कुटुंब न्यायालय) सैयद सलीम फातमी, विभिन्न न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, बैंक कर्मी एवं बड़ी संख्या में वादकारी उपस्थित रहे।
यह आयोजन आम लोगों को त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।